Credit Card Rules: कार्ड ब्लॉक करने के बाद भी आ रहा है बिल? RBI के इस नियम को जान लें पहले

Credit Card Rules: RBI के नियम साफ बताते हैं कि क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने से अकाउंट बंद नहीं होता। सिर्फ ट्रांजेक्शन रुकते हैं, लेकिन चार्जेस लगते रह सकते हैं और सिबिल भी प्रभावित हो सकता है।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड3 Dec 2025, 11:45 AM IST
क्रेडिट कार्ड ब्लॉक किया तो अकाउंट बंद? RBI का असली नियम जान लीजिए
क्रेडिट कार्ड ब्लॉक किया तो अकाउंट बंद? RBI का असली नियम जान लीजिए

Credit Card Block: क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले अक्सर जरूरत पड़ने पर अपना कार्ड ब्लॉक कर देते हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों को लगता है कि कार्ड ब्लॉक होते ही सारी जिम्मेदारियां खत्म हो गईं। फिर भी जब अचानक कार्ड का बिल या लेट फीस आ जाती है, तो यही सवाल खड़ा होता है, जब कार्ड ब्लॉक कर दिया था, फिर चार्जेज क्यों लग रहे हैं?

असल में, क्रेडिट कार्ड चलाना जितना आसान है, उसके नियम उतने ही जरूरी हैं। RBI के मुताबिक कार्ड को “ब्लॉक” करना और “क्लोज” करना दोनों अलग बातें हैं, और इन्हें समझना बहुत जरूरी है।

Credit Card Block: मतलब क्या होता है?

जब आप कार्ड को ब्लॉक या डीएक्टिवेट करते हैं, तो बस इतना होता है कि कार्ड से कोई ट्रांजेक्शन नहीं हो सकता। लेकिन, अकाउंट फिर भी सिस्टम में एक्टिव रहता है। अगर कोई बकाया बचा है, तो लेट फी और इंटरेस्ट जैसे चार्ज लगते रह सकते हैं। RBI साफ कह चुका है ब्लॉक करना सिर्फ एक सिक्योरिटी स्टेप है, अकाउंट बंद करने का तरीका नहीं।

कार्ड क्लोज करना क्या है?

कार्ड क्लोज कराने का मतलब है कि आपका और बैंक का रिश्ता उस कार्ड के मामले में पूरी तरह खत्म हो गया। बैंक आगे कोई चार्ज नहीं लगाएगा और 7 वर्किंग डेज में अकाउंट बंद कर देगा। साथ ही बैंक को क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL आदि) में रिपोर्ट करना होता है कि अकाउंट “Closed” है।

RBI का साफ नियम

  • ब्लॉक करने पर अकाउंट चालू रहता है
  • क्लोज करने पर अकाउंट हमेशा के लिए बंद होता है
  • ब्लॉक पर चार्जेस लग सकते हैं
  • क्लोज पर कोई चार्ज नहीं
  • सिबिल रिपोर्ट में ब्लॉक अकाउंट एक्टिव दिखता है, क्लोज अकाउंट बंद दिखता है

क्यों लोग फंस जाते हैं

अक्सर लोग कार्ड ब्लॉक करने के बाद सोचते हैं कि अब सारी जिम्मेदारी खत्म। लेकिन महीनों बाद चार्ज, लेट फीस या ब्याज आ जाता है और CIBIL में कार्ड “Active” दिखता है। यही वजह है कि स्कोर गिर सकता है और नया लोन या कार्ड लेने में दिक्कत आ सकती है।

कब ब्लॉक करें और कब क्लोज करें

  • कार्ड खो जाए, फ्रॉड का शक हो या कुछ समय के लिए इस्तेमाल न करना हो तो ब्लॉक करें।
  • कार्ड आपके काम का न हो, सालाना फीस ज्यादा हो, बहुत सारे कार्ड हो गए हों या क्रेडिट एक्सपोजर कम करना हो तो क्लोज करें।

कार्ड बंद करवाने का तरीका:

  • सबसे पहले बैंक के कस्टमर केयर को कॉल करें और बताएं कि आप अपना कार्ड बंद करवाना चाहते हैं।
  • क्लोजर की रिक्वेस्ट सबमिट करें। बैंक आपको अगले स्टेप्स समझा देगा।
  • कार्ड पर बचा हुआ बकाया राशि चेक करें और उसे क्लियर करें। बैंक तुरंत बताएगा कि कितना पेमेंट करना है।
  • बकाया चुकाने के बाद बैंक से कन्फर्मेशन मेल या मैसेज लें कि आपका क्लोजर प्रोसेस शुरू हो गया है।
  • ध्यान दें कि 7 वर्किंग डेज की प्रक्रिया तब ही शुरू होगी जब पूरा बकाया क्लियर हो जाए।
  • कार्ड को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें, सिर्फ फेंकना काफी नहीं, स्ट्रिप और चिप दोनों काट दें।
  • अंत में, CIBIL या क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें कि आपका कार्ड “क्लोज्ड” स्टेटस में दिख रहा है या नहीं।

क्रेडिट कार्ड बहुत फायदेमंद चीज है लेकिन तभी जब आप इसके नियम ठीक से समझें। सबसे जरूरी फर्क यही है कि ब्लॉक किया तो बस ट्रांजेक्शन रुके, लेकिन क्लोज किया तभी अकाउंट खत्म। इसलिए अगली बार कार्ड से जुड़ा फैसला लेने से पहले ये फर्क जरूर याद रखिए, वरना छोटे-छोटे चार्ज और सिबिल स्कोर आपका बड़ा नुकसान कर सकते हैं।

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