
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है। संसद में सरकार ने शीतकाली सत्र में 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रहे एक बड़ा दावे को नकार दिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि 8वें वेतन आयोग में बेसिक पे और डीए मर्ज होने वाला है। हालांकि सरकार ने इसे एक सिरे से नकार दिया है।
संसद में सवालों का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने साफ कर दिया कि केंद्र सरकार अभी महंगाई भत्ते को मूल वेतन को मर्ज करने नहीं जा रही है। अभी इससे संबंधित किसी भी तरह का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार के इस बयान से साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे सभी दावे भ्रामक है। अभी बेसिक पे और डीए मर्ज नहीं होगा।
महंगाई भत्ता (DA) अतिरिक्त राशि है, जो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दी जाती है ताकि वे बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन कर सकें। इसे आमतौर पर बेसिक पे का एक प्रतिशत मानकर दिया जाता है और ये साल में दो बार रिवाइज्ड होती है। वहीं बेसिक पे (Basic Pay) कर्मचारी का मूल वेतन होता है, जिस पर अन्य भत्ते और कटौतियां आधारित होती हैं। बेसिक पे के आधार पर ही डीए, एचआरए (House Rent Allowance), पीएफ (Provident Fund) और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं की गणना की जाती है।
डीए को बेसिक पे में जोड़ने का मतलब होता कि कर्मचारी का मूल वेतन बढ़ जाता, जिससे पीएफ (Provident Fund), ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य भत्तों की गणना भी ज्यादा रकम पर होती। इससे लंबे समय में कर्मचारियों को रिटायरमेंट बेनिफिट्स और पेंशन में फायदा मिलता। हालांकि सरकार के लिए यह कदम वित्तीय बोझ बढ़ाने वाला होता क्योंकि बेसिक पे बढ़ने से कुल वेतन बिल और भविष्य निधि योगदान भी बढ़ जाता।
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