नई दिल्ली: दिल्ली में बिजली और वाईफाई के तारों को देखकर बार-बार यही ख्याल मन में आता है कि क्या देश की राजधानी को ऐसा होना चाहिए? कूड़े के पहाड़, सड़कों पर खुला घूमते आवारा पशु, अवैध निर्माण जैसी समस्याएं दिल्लीवासियों की परेशानी तो बढ़ाते ही हैं, बाहर से आने वालों का मन भी छोटा कर देते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली को पेरिस जितनी चकाचक बनाने का वादा किया था, लेकिन सारे वादों पर पानी फिर गया। अब बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने पहले बजट भाषण में ऐलान किया कि अब दिल्ली को तारों के जंजाल से मुक्ति दिलाई जाएगी।
बिजली तारों से मिलेगी मुक्ति, ₹100 करोड़ का अंडरग्राउंड केबल प्रोजेक्ट
दिल्ली की गलियों में लटकती बिजली की तारें अब बीते जमाने की बात होने वाली हैं। मुख्यमंत्री गुप्ता ने ₹100 करोड़ के एक पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिसके तहत ऊपर लटक रही हाई-टेंशन और लो-टेंशन बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि यह कदम दिल्ली की सुंदरता में इजाफा करेगा और बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं को रोकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “ओवरहेड बिजली के तार न केवल शहर की सुंदरता को बिगाड़ते हैं, बल्कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी जोखिम भरे हैं। इसलिए, मेरी सरकार ने हाई-टेंशन और लो-टेंशन बिजली केबल्स को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसके लिए ₹100 करोड़ आवंटित किए गए हैं।”
इससे दिल्ली की ना सिर्फ सुंदरता बढ़ेगी बल्कि बिजली के तारों को जमीन के नीचे डालने से सुरक्षा बढ़ेगी और बिजली आपूर्ति भी अधिक स्थिर होगी।
दिल्ली बजट 2025 में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बड़े ऐलान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली बजट 2025 में ₹100 करोड़ के अंडरग्राउंड केबल प्रोजेक्ट के अलावा राजधानी को सौर ऊर्जा से रोशन करने की घोषणा की है। यह महज घोषणा नहीं है, बल्कि इस योजना के तहत सरकार ने PM सूर्या घर: फ्री इलेक्ट्रिसिटी योजना को राज्य स्तर पर लागू करने का फैसला किया है, जिससे दिल्ली के लाखों घरों को न सिर्फ किफायती बल्कि हरित और स्वच्छ ऊर्जा मिलेगी।
इस योजना के तहत, अगले तीन वर्षों में दिल्ली के 2.3 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे और इसके लिए ₹78,000 तक की सब्सिडी दी जाएगी। इस पहल का मकसद दिल्ली को 24x7 बिजली आपूर्ति देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना भी है।
बिजली क्षेत्र के लिए बढ़ा बजट
दिल्ली सरकार ने बिजली क्षेत्र के लिए इस साल ₹3,843 करोड़ का बजट निर्धारित किया है, जो पिछले साल के ₹3,353 करोड़ की तुलना में अधिक है। सरकार ने केंद्र सरकार के साथ MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि PM सूर्या घर योजना को पूरी तरह से लागू किया जा सके।
दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा को लेकर यह पहल पर्यावरणविदों और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) के नीनित दास ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा, " ₹50 करोड़ का बजट सोलर एनर्जी के लिए रखना एक सकारात्मक कदम है। इससे दिल्ली के हजारों घरों में स्वच्छ ऊर्जा पहुंचेगी और कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा।"
अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो अब आप भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। सरकार 2.3 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने की योजना बना रही है, जिससे बिजली बिल कम होगा और अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी भी की जा सकेगी।