Delhi Electricity Bill Hike: अगर आप दिल्ली में रहते हैं और आपका बिजली कनेक्शन BSES (BRPL या BYPL) या TPDDL का है, तो ये खबर आपके घर के बजट को थोड़ा और टाइट करने वाली है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग ने आम जनता को बड़ा झटका दिया है। अब बिजली कंपनियों को 'फ्यूल कॉस्ट एडजस्टमेंट सरचार्ज' (FPPAS) वसूलने की अनुमति मिल गई है। अगर आसान शब्दों में कहें, तो बिजली कंपनियों को लाइट बनाने में आ रही लागत बढ़ गई है और अब उसका बोझ सीधे आपकी और हमारी जेब पर पड़ने वाला है।
कितना बढ़ जाएगा आपका बिल?
दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) के इस ऐलान के बाद सबसे मन में यही सवाल है कि अब उनका बिजली बिल कितना बढ़ जाएगा। आइए जानते हैं।दिल्ली की अलग-अलग बिजली वितरण कंपनियों के लिए यह सरचार्ज अलग-अलग तय किया गया है। दिल्ली के एक औसत परिवार में आमतौर पर 2000-3000 रुपये आता है। ऐसे में अब लोगों को पूरे बिल पर 150-200 रुपये अधिक देने होंगे। अगर आपके यहां AC चलता है, तो आपका बिल और भी अधिक आता होगा, ऐसे में आपको ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।
इसके साथ ही डीईआरसी ने शहर की तीन बिजली वितरण कंपनियों, बीएसईएस राजधनी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) को अप्रैल 2026 के लिए एफपीपीए की वसूली करने की अनुमति दे दी है।
बता दें कि TPDDL के मामले में, आयोग ने अतिरिक्त FPPAS को 8.50% तय किया है, लेकिन कुल वसूली को 16% तक सीमित रखा है, जबकि कंपनी इसे और ज्यादा मांग रही थी।
क्यों बढ़ गई बिजली बनाने की लागत?
बिजली कंपनियों का कहना है कि बिजली बनाने के लिए कोयले के साथ ही दूसरे फ्यूल का इस्तेमाल भी किया जाता है। पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव के बीच फ्यूल से लेकर गैस तक के दाम में इजाफा हुआ है। इसलिए बिजली बनाने की लागत भी बढ़ गई है।