Delhi Health Schemes 2026: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकार लोगों के स्वास्थ्य के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजना में कैशलेस इलाज से लेकर, स्वास्थ्य से जुड़े कई कार्यक्रम और गर्भवती महिलाओं और उनके शिशुओं को बेहतर इलाज की सुविधा देने के लिए भी कई स्कीम का संचालन हो रहा है। दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार ने बजट में भी स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 12,645 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्य सरकार का कहना है कि 'उपचार लोगों का अधिकार है, उपकार नहीं।'
दिल्ली में चल रही हैं ये योजनाएं
1. दिल्ली आरोग्य कोष योजना
इस योजना का फायदा सिर्फ दिल्ली निवासियों को ही मिलता है। इसके लिए आधार कार्ड दिखाना जरूरी है। दिल्ली में हुई दुर्घटना और उसके MLC दर्ज होने पर इलाज फ्री में किया जाता है। लंबे इलाज के लिए सरकारी डॉक्टरों की समीक्षा के बाद इलाज जारी रहता है।
2. अनमोल योजना
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, इस योजना का ऐलान बजट 2026 में किया गया है। इसमें सरकारी प्राइवेट अस्पतालों में जन्मे बच्चों के लिए जन्मजात गंभीर बीमारी होने पर फ्री स्क्रीनिंग की सुविधा मुहैया कराई जाती है। पहले से राज्य में जननी सुरक्षा कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना और मातृ शिशु सुरक्षा योजना का संचालन हो रहा है।
3. आयुष्मान आरोग्य मंदिर
दिल्ली सरकार ने मोहल्ला क्लिनिक को अपग्रेड करके आयुष्मान आरोग्य मंदिर नाम कर दिया है। इस योजना के तहत कई बीमारियों का फ्री में इलाज किया जाता है। इसके साथ ही दवाएं और जांच की सुविधा भी मिलती है। राज्य सरकार का कहना है कि सूबे में 750 से अधिक नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की जाएगी। पहले से राज्य में 350 आयुष्मान आरोग्य मंदिर चलाए जा रहे हैं।
4. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
यह केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें ₹500000 तक का कैशलेस इलाज करने की सुविधा मिलती है। जिसमें दिल्ली सरकार की तरफ से ₹500000 का अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज दिया जाता है। पात्र व्यक्ति चयनित सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलैस ट्रीटमेंट करवा सकते हैं। इसमें myscheme पोर्टल के जरिए आयुष्मान कार्ड बनाया जा सकता है।
5. एमसीडी कर्मचारी स्वास्थ्य योजना (MCD-ESH)
इस योजना को दिल्ली सरकारी कर्मचारी स्वास्थ्य योजना के नाम से भी जाना जाता है। जिसमें राज्य के कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार के सदस्य प्राइवेट अस्पताल में बिना पैसे दिए इलाज करा सकते हैं। इस योजना के तहत कर्मचारियों से एक निश्चित मासिक अंशदान लिया जाता है जो उनके मेडिकल खाते में जमा होता है। यहीं से अस्पतालों के बिलों और जांच आदि को भुगतान किया जाता है।