Delhi-Dehradun Expressway: उत्तर भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। दिल्ली - देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi–Dehradun Expressway) के निर्माण से निवेशकों, डेवलपर्स और घर खरीदने वालों की उम्मीदें बढ़ गईं हैं। करीब 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी महज ढाई से तीन घंटे में तय हो सकेगी। बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर अब आसपास के शहरों के प्रॉपर्टी मार्केट पर दिखने लगा है, जहां कीमतों में 15 से 25 फीसदी तक की तेजी आने का अनुमान है।
कनेक्टिविटी बनी गेम चेंजर
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रॉपर्टी की कीमतों को तेजी से प्रभावित करता है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से देहरादून तक सफर आसान होने के साथ-साथ बीच के शहरों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। खासतौर पर गाजियाबाद (Ghaziabad) बागपत (Baghpat), शामली (Shamli), सहारनपुर ( Saharanpur) और हरिद्वार (Haridwar) जैसे इलाकों में रियल एस्टेट गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं।
15–25% तक बढ़ सकती हैं कीमतें
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के मुताबिक, जिन इलाकों से एक्सप्रेसवे सीधे जुड़ रहा है वहां जमीन और फ्लैट्स की कीमतों में 15 से 25 फीसदी तक उछाल देखने को मिल सकता है। कई जगहों पर यह बढ़ोतरी पहले ही शुरू हो चुकी है। खासकर प्लॉटिंग प्रोजेक्ट्स और गेटेड सोसाइटीज में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है।
दिल्ली के लोनी, मंडोली, नरेला, बावाना, पूर्वी दिल्ली के शाहदरा, सीमापुरी, करावल नगर, सोनिया विहार और यमुना विहार जैसे क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ सकती है। गाजियाबाद का साहिबाबाद बेल्ट और ट्रॉनिक सिटी में भी प्रॉपर्टी के दाम में दाम में उछाल आ सकता है।
वीकेंड होम और सेकेंड हाउस की बढ़ेगी मांग
देहरादून और आसपास के हिल एरिया लंबे समय से वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में लोकप्रिय रहे हैं। बेहतर रोड कनेक्टिविटी मिलने के बाद अब दिल्ली-एनसीआर के लोग वहां सेकेंड होम खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। इसका सीधा फायदा हरिद्वार और देहरादून जैसे शहरों को मिलेगा, जहां रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ सकती है। आसान कनेक्टिविटी की वजह से दिल्ली - एनसीआर के खरीदार अब वीकेंड होम्स में ज्यादा निवेश कर सकते हैं।
इंडस्ट्रियल और कमर्शियल ग्रोथ को भी बढ़ावा
सिर्फ रेसिडेंशियल ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल और कमर्शियल रियल एस्टेट को भी इस एक्सप्रेसवे से बड़ा फायदा मिलेगा। बेहतर लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन के कारण कंपनियां इन इलाकों में वेयरहाउस, फैक्ट्री और ऑफिस स्पेस विकसित करने में रुचि दिखा सकती हैं। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
निवेशकों के लिए सुनहरा मौका
एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों में अभी भी कई जगहों पर प्रॉपर्टी अपेक्षाकृत सस्ती है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह “एंट्री का सही समय” माना जा रहा है। डेवलपर्स भी इन क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि जैसे-जैसे प्रोजेक्ट पूरा होने के करीब आएगा, कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तर भारत के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी, बढ़ती मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के चलते आने वाले वर्षों में इस कॉरिडोर के शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसे में जो निवेशक अभी सही समय पर कदम उठाएंगे, उनके लिए यह अवसर भविष्य में बड़ा लाभ देने वाला साबित हो सकता है।