डिपॉजिट रेट में गिरावट से बैंकिंग सेक्टर में बढ़ा कॉम्पटिशन, ग्राहकों को लुभाने के लिए कर रहे नए उपाय

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में रेपो रेट में कटौती कर दी है। रेपो रेट अब 5.5 फीसदी पर आ गया है। ऐसे में बैकों को जमा राशि को बनाए रखने के लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंक अब फिक्स्ड डिपॉजिट-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड और स्वीप-इन डिपॉजिट जैसे नए प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ा रहे हैं।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड9 Jun 2025, 03:12 PM IST
अब आजकल के युवा शॉर्ट -टर्म शॉर्ट-टर्म डेब्ट फंड्स पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।
अब आजकल के युवा शॉर्ट -टर्म शॉर्ट-टर्म डेब्ट फंड्स पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं। (HT)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 जून 2025 को लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कटौती की है। आरबीआई ने इस बार रेपो रेट में सीधे-सीधे 50 बेसिस पॉइंट्स यानी 0.50 फीसदी की कटौती की है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत की कटौती का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद रेपो रेट अब 6.00 फीसदी से घटकर 5.50 फीसदी हो गया है। इससे पहले फरवरी और अप्रैल में RBI ने ब्याज दरों में 25-25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी।

ऐसे में अब बैंक कई नए प्लान पर काम कर रहे हैं। जिससे वो नए ग्राहकों को आकर्षित कर सकें और कॉम्पटिशन में बने रहें। इस एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंकों को नए डिपॉजिट हासिल करने के लिए कुछ नए उपाय करना होगा। इसकी वजह ये है कि ब्याज दरें कम होने की वजह से निवेशक कहीं और रूख कर सकते हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंकरों और निवेश सलाहकरों का कहना है कि फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े क्रेडिट कार्ड, स्वीप-इन डिपॉजिट और बचत बैंकों से जुड़े होम लोन जैसे उत्पादों को और ज्यादा प्रचार करने की जरूरत है। इसकी वजह ये है कि युवा बचत करने वाले लोग (younger savers) कैपिटल मार्केट के प्रोडक्ट्स की ओर ज्यादा रूख कर सकते हैं। वहीं वरिष्ठ नागरिकों का बचत योजनाओं पर अधिक निर्भर होंगे।

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डिपॉजिट रेट्स में गिरावट के आसार

इकोनॉमिक टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केट, Bankbazaar.com के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा कि बैंकों ने पहले ही नई पहल शुरू कर दी है। शेट्टी ने कहा कि “हम अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट देख रहे हैं और अलग-अलग तरह के बैंकों के रेट्स भी चिंताजनक हैं। जैसे छोटे वित्त बैंक टॉप कॉमर्शियल बैंक के मुकाबले ज्यादा रेट ऑफर करते हैं। शेट्टी का कहना है कि रेपो दर में भारी कटौती और कैश रिवर्स रेश्यो में 1 फीसदी की कटौती से नकदी जारी होने की संभावना के कारण डिपॉजिट रेट्स में गिरावट तेज हो जाएगी।

बैंकों ने जमा राशि पर घटाई ब्याज दरें

भारतीय स्टेट बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट में 6.5 फीसदी ब्याजा मिल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह घटकर 6 फीसदी हो सकता है। इधर आईसीआईसीआई बैंक जैसे कुछ बैंकों ने अपनी होलसेल डिपॉजिट रेट्स में कटौती शुरू कर दी है। आने वाले हफ्ते में 3 करोड़ रुपए से कम की रिटेल डिपॉजिट्स रेट्स में भी कटौती हो सकती है। वहीं बैंकों ने पहले ही अपनी खुदरा उधारी दर में कटौती कर दी है।

डेट म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक अच्छा ऑप्शन

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में 8.2 फीसदी ब्याज मिल रहा है। इस योजना में पांच साल के लिए लॉक-इन टाइम है और अगर टाइम से पहले पैसा निकाला जाता है तो निकालने पर जुर्माना लगता है। पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स अभी के समय में एक साल की जमा राशि के लिए 6.9 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। हालांकि दरों में कटौती के बाद उन रेट में भी बदलाव किया जा सकता है। शेट्टी ने कहा कि डेट म्यूचुअल फंड सभी निवेशकों के लिए बेहतर ऑप्शन है। इसकी वजह ये है कि इसमें टैक्स इफिसिएंट और लिक्विड दोनों हैं, खासकर तब जब ब्याज दरें कम हो रही हैं।

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