Loan Verification Issues: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर इन दिनों एक सवाल खूब चर्चा में है कि क्या बैंक अकाउंट और क्रेडिट कार्ड के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबर होने की वजह से लोन का आवेदन अटक सकता है? सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि आजकल कई लोग सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए एक मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट के लिए रखते हैं, जबकि दूसरा नंबर क्रेडिट कार्ड, UPI या डिजिटल पेमेंट्स के लिए इस्तेमाल करते हैं।
इस सवाल का सीधा जवाब ‘हां’ या ‘ना’ में देना थोड़ा मुश्किल है। बैंकिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि अलग-अलग मोबाइल नंबर होना अपने आप में लोन रिजेक्ट होने की वजह नहीं बनता, लेकिन इससे वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग में देरी जरूर हो सकती है। रेडिट पर कई यूजर्स ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया है कि अगर जानकारी सही हो और KYC अपडेटेड हो, तो लोन मिलने में बड़ी दिक्कत नहीं आती।
लोन के लिए क्या है जरूरी?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपका क्रेडिट स्कोर मोबाइल नंबर से नहीं, बल्कि PAN, लोन रीपेमेंट हिस्ट्री और क्रेडिट बिहेवियर से बनता है। यानी सिर्फ इसलिए कि बैंक और क्रेडिट कार्ड में अलग नंबर हैं, आपका स्कोर खराब नहीं होगा। लेकिन समस्या वहां आती है, जहां KYC, OTP और पहचान की पुष्टि की बात होती है।
KYC और CKYC में नंबर मैच न हो तो अटक सकता है काम
बैंकों और NBFCs को लोन प्रोसेस करते वक्त आपके सेंट्रल केवाईसी (CKYC) रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट और क्रेडिट प्रोफाइल को आपस में लिंक करना होता है। CKYC में आमतौर पर एक ही मोबाइल नंबर दर्ज होता है।
अगर बैंक अकाउंट में एक नंबर है, क्रेडिट कार्ड में दूसरा और लोन एप्लीकेशन में तीसरा, तो सिस्टम में मिसमैच आ सकता है। ऐसे मामलों में OTP न पहुंचना, डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन रुकना या बैंक की ओर से अतिरिक्त पुष्टि मांगी जाना आम बात है।
गलत कॉल और रिकवरी नोटिस भी बन सकते हैं सिरदर्द
मोबाइल नंबर से जुड़ी गड़बड़ियों के असर पर मीडिया में पहले भी रिपोर्ट आ चुकी हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि रीसायकल किए गए मोबाइल नंबर की वजह से लोगों को लोन रिकवरी एजेंट्स के कॉल आने लगे, जबकि उनका उस लोन से कोई लेना-देना नहीं था। यह दिखाता है कि बैंकिंग सिस्टम में मोबाइल नंबर की सही मैपिंग कितनी अहम है।
एक्सपर्ट्स क्या सलाह देते हैं?
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की मानें तो अलग मोबाइल नंबर रखना गलत नहीं है, लेकिन लोन लेने से पहले सभी बैंक, क्रेडिट कार्ड और KYC रिकॉर्ड में एक ही एक्टिव नंबर अपडेट होना चाहिए। इससे OTP, e-KYC और कम्युनिकेशन में कोई रुकावट नहीं आती।
अगर आप लोन अप्लाई करने की सोच रहे हैं, तो बेहतर यही है कि पहले अपने बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड और CKYC में दर्ज मोबाइल नंबर चेक कर लें। अलग-अलग नंबर लोन रिजेक्शन की वजह नहीं बनते, लेकिन लापरवाही से प्रक्रिया जरूर लंबी और उलझन भरी हो सकती है।