Diwali Sales 2025: दिवाली पर 6 लाख करोड़ की बिक्री, GST घटने से बना नया रिकॉर्ड

Diwali Sales 2025: केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी में कटौती कम करने की वजह से देश के नागरिकों को बंपर फायदा हुआ है। दिवाली के मौके पर 6 लाख करोड़ रुपये की बिक्री हुई है। लोगों ने चीनी प्रोडक्‍ट्स को छोड़कर भारतीय निर्मित प्रोडक्‍ट्स को खरीदना पसंद किया है।

Jitendra Singh
अपडेटेड21 Oct 2025, 09:31 PM IST
Diwali Sales 2025: GST कटौती से बिक्री में इजाफा हुआ है।
Diwali Sales 2025: GST कटौती से बिक्री में इजाफा हुआ है। (Livemint)

Diwali Sales 2025: इस बार की दिवाली में भारतीय बाजार रोशनी से नहाए रहे। बाजार गुलजार रहे। साल 2025 की दिवाली ने पिछले कई सालों की बिक्री के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल दिवाली पर कुल 6.05 लाख करोड़ रुपये की बिक्री हुई। जीएसटी में कटौती की वजह से घरेलू बाजार को बूस्टर डोज मिला है। CAIT के डेटा के मुताबिक, 5.40 लाख करोड़ रुपये के सामान की बिक्री हुई। वहीं 65,000 करोड़ रुपये की सर्विसेज शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले साल दिवाली सीजन में कुल बिक्री 4.25 लाख करोड़ रुपये रही।

अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) की दिवाली त्यौहारी बिक्री 2025 पर रिसर्च रिपोर्ट राज्यों की राजधानियों और टियर 2 व 3 शहरों समेत 60 प्रमुख वितरण केंद्रों पर किए गए एक व्यापक राष्ट्रव्यापी सर्वे पर बेस्‍ड है। यह भारत के व्‍यापारिक इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा फेस्टिवल कारोबार है।

रिटेल मार्केट में दिखा नया जोश

CAIT के सर्वे के मुताबिक, देश के पारंपरिक बाजारों और छोटे व्यापारियों ने इस बार बिक्री में 85% का योगदान दिया है। यानी देश की रिटेल इकॉनमी में एक बार फिर लोकल बाजारों की ताकत दिखी है। किराना, कपड़े, गिफ्ट आइटम, इलेक्ट्रॉनिक्स, गोल्ड-ज्वेलरी और मिठाई जैसे उत्पादों की जोरदार बिक्री हुई। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से भी खरीदारी में बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें FMCG सेक्टर का 12 फीसदी योगदान है। गोल्ड और ज्वैलरी का 10 फीसदी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स आइटम का 8 फीसदी योगदान है।

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कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 7 फीसदी, रेडीमेड परिधान 7 फीसदी, गिफ्ट आइटम 7 फीसदी, होम डेकोर 5 फीसदी, फर्निशिंग एवं फर्नीचर 5 फीसदी, मिठाई एवं नमकीन 5 फीसदी, वस्त्र 4 फीसदी, पूजन सामग्री 3 फीसदी, फल एवं मेवे 3 फीसदी, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी 3 फीसदी, फुटवियर 2 फीसदी और अन्य विविध वस्तुएं 19 फीसदी रहीं।

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GST रिफॉर्म का दिखा असर

CAIT की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 72 फीसदी व्यापारियों ने बिक्री में बढ़ोतरी का कारण जीएसटी दरों में कमी को बताया। रोजमर्रा की जरूरतों वाले सामान, जूते-चप्पल, कपड़े, मिठाई और होम डेकोर जैसी चीजों पर कम टैक्स ने उपभोक्ताओं को ज्यादा खर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया है। उपभोक्ताओं ने यह भी माना कि इस बार कीमतें स्थिर रहीं, जिससे खरीदारी का भरोसा बढ़ा है।

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