Economic Alert: क्या भारत की अर्थव्यवस्था पर बढ़ रहा है दबाव? विदेशी कर्ज में भारी उछाल, RBI का डेटा जारी

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक भारत का विदेशी कर्ज 762.8 अरब डॉलर हो गया है। विदेशी ऋण में अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी 55.5 प्रतिशत है, जबकि कर्ज भी बढ़ा है।

Anuj Shrivastava( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
पब्लिश्ड29 Jun 2026, 08:17 PM IST
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विदेशी कर्ज में आया भारी उछाल
विदेशी कर्ज में आया भारी उछाल

RBI Report Explained: देश का कुल विदेशी ऋण मार्च, 2026 के अंत तक बढ़कर 762.8 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 26.3 अरब डॉलर अधिक है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सोमवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

'मार्च, 2026 के अंत तक भारत का विदेशी ऋण' संबंधी आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रुपये तथा अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के कारण 24.6 अरब डॉलर का मूल्यांकन प्रभाव दर्ज किया गया। आरबीआई ने कहा कि यदि इस मूल्यांकन प्रभाव को शामिल न किया जाए, तो मार्च, 2025 की तुलना में मार्च, 2026 के अंत तक विदेशी ऋण में 26.3 अरब डॉलर के बजाय 51 अरब डॉलर की वृद्धि होती।

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विदेशी कर्ज का अनुपात बढ़ा

केंद्रीय बैंक ने ये भी बताया कि विदेशी ऋण और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का अनुपात मार्च, 2026 के अंत में बढ़कर 20.8 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 19.8 प्रतिशत था।आरबीआई के अनुसार, मार्च, 2026 के अंत में दीर्घकालिक ऋण (एक वर्ष से अधिक की मूल परिपक्वता वाला) 613.5 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.6 अरब डॉलर अधिक है।

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किस मुद्रा में कितना है भारत का विदेशी कर्ज?

बयान में कहा गया है कि कुल विदेशी ऋण में अल्पकालिक ऋण (एक वर्ष तक की मूल परिपक्वता वाला) की हिस्सेदारी बढ़कर 19.6 प्रतिशत हो गई, जो मार्च, 2025 के अंत में 18.3 प्रतिशत थी। इसी प्रकार, विदेशी मुद्रा भंडार के मुकाबले अल्पकालिक ऋण का अनुपात भी बढ़कर 21.6 प्रतिशत हो गया, जो एक वर्ष पहले 20.1 प्रतिशत था।मार्च, 2026 के अंत में भारत के विदेशी कर्ज में अमेरिकी डॉलर मूल्य वर्ग के कर्ज की हिस्सेदारी सबसे अधिक 55.5 प्रतिशत रही। इसके बाद भारतीय रुपये (29.4 प्रतिशत), येन (6.4 प्रतिशत), एसडीआर (विशेष आहरण अधिकार) (4.3 प्रतिशत) और यूरो (3.7 प्रतिशत) में दर्ज कर्ज का स्थान रहा।

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सरकारी कर्ज में कमी

आरबीआई ने बताया कि एक साल पहले के स्तर की तुलना में मार्च, 2026 के अंत में सामान्य सरकार का बकाया कर्ज घटा है, जबकि गैर-सरकारी कर्ज में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।विदेशी कर्ज के घटकों में ऋण की हिस्सेदारी सबसे अधिक 34.7 प्रतिशत रही। इसके बाद मुद्रा और जमा (22.3 प्रतिशत), व्यापार ऋण और अग्रिम (19 प्रतिशत) तथा ऋण प्रतिभूतियों का स्थान (16.1 प्रतिशत) रहा।

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