Education Budget 2026: हर जिले में खुलेगा एक गर्ल्स हॉस्टल, शिक्षा बजट में 8.27% का इजाफा

Education Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को आम बजट पेश कर दिया। इस बजट में शिक्षा को लेकर बड़ी घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया है। वहीं शिक्षा बजट में सरकार ने 8.27 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड1 Feb 2026, 04:06 PM IST
Education Budget 2026: एजुकेशन सेक्टर पर सरकार का फोकस बढ़ा है।
Education Budget 2026: एजुकेशन सेक्टर पर सरकार का फोकस बढ़ा है।

Education Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में 2026-27 का बजट पेश किया। बजट पेश करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस हाएर एजुकेशन और रोजगार को सीधे जोड़ने पर है। इसके लिए ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ हाई-पावर स्थायी समिति के गठन की घोषणा की गई है। सरकार ने तीन नए आयुर्वेद संस्थान और तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIMS) खोलने की तैयारी की है। इसके अलावा, बजट आवंटन के अनुसार पूर्वी क्षेत्र में एक नया डिजाइन संस्थान स्थापित किया जाएगा।

बजट में मुंबई के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 सेकेंडरी स्कूलों में कंटेंट लैब बनाने में मदद करने का भी प्रस्ताव है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि COVID-19 महामारी के बाद आयुर्वेद को दुनिया भर में पहचान और स्वीकृति मिली है। सरकार ने 3 आयुर्वेदिक एम्स बनाने का ऐलान किया गया है। आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाई जाएंगी। भारत को ग्लोबल लेवल पर बायोफार्मा प्रोडक्ट के उत्पादन का हब बनाया जाएगा। अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल तैयार होंगे। इसके लिए 10,000 करोड़ के निवेश करने की बात कही गई है।

शिक्षा बजट में इजाफा

केंद्र सरकार की ओर से शिक्षा बजट में 8.27 फीसदी से अधिक धनराशि का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा कि शिक्षा को 1,39,289 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में 8.27 फीसदी अधिक है। वर्ष 2025-26 के बजट में कुल 128650 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था।

देश के हर जिले में खुलेगा गर्ल्स हॉस्टल

देश में 789 जिले हैं। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। गर्ल स्टूडेंट्स के लिए STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

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देश में शुरू होंगी 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान बताया कि देश में पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी। ये टाउनशिप देश के बड़े इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स सेंटर्स के आसपास बनाई जाएंगी ताकि एजुकेशन, रिसर्च और इंडस्ट्री को एक साथ जोड़ा जा सके। सरकार का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ हायर एजुकेशन को मजबूती मिलेगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। यूनिवर्सिटी टाउनशिप का कॉन्सेप्ट ऐसा होगा जहां एक ही इलाके में कई यूनिवर्सिटी, कॉलेज, रिसर्च सेंटर्स और छात्रों व फैकल्टी के लिए रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स मौजूद होंगे।

इंडस्ट्रियल एरिया में बनाए जाएंगे

बजट में बताया गया कि इन टाउनशिप्स को खासतौर पर इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के पास बनाया जाएगा। इसका मकसद यह है कि पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री से सीधे जुड़ने का मौका मिले। इससे इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, रिसर्च प्रोजेक्ट और जॉब प्लेसमेंट के मौके बढ़ेंगे। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी से निकलने वाले युवा रेडी फॉर इंडस्ट्री हों।

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ऐसे कोर्सेस में बढ़ेगा सरकार का फोकस

इन यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, हेल्थकेयर और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी जैसे कोर्सेस पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही स्टार्टअप्स और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च लैब्स और इनक्यूबेशन सेंटर्स भी बनाए जाएंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में हायर एजुकेशन का सबसे बड़ा चैलेंज इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री से जुड़ाव की कमी रहा है। यूनिवर्सिटी टाउनशिप मॉडल इस गैप को कम कर सकता है। इससे छोटे शहरों और टियर-2, टियर-3 इलाकों के छात्रों को भी वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन और रिसर्च की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए इन युवाओं को किसी बड़े शहरों में शिफ्ट नहीं होना पड़ेगा।

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विदेशी पढ़ाई होगी सस्ती

विदेश में पढ़ाई पर लगने वाले टैक्स में बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री ने बताया कि शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य पर TCS 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है। इससे पेरेंट्स की हजारों रुपये की बचत होगी। ये टैक्स 10 लाख से ज्यादा की रकम भेजने पर लगाया जाता है। इसके अलावा इलाज के लिए लिया जाने वाला टीसीएस भी 5 से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है। यानी विदेश में इलाज कुछ हद तक सस्ता हो जाएगा।

जानिए TCS कम होने पर कितने पैसे बचेंगे

टैक्स कलेक्टेड ऑन सोर्स यानी टीसीएस 10 लाख से ज्यादा की फीस पर वसूला जाता है। पहले 10 लाख से ज्यादा की फीस पर 5 फीसदी टीसीएस लगता था। इसे अब कम किया गया है। 20 लाख रुपये पहले पहले जहां एक लाख रुपये का टैक्स चुकाना होता था, वहीं अब ये कम होकर सिर्फ 40 हजार हो जाएगा। यानी सीधे 60 हजार रुपये की बचत होगी। इसके लिए पैन लगाना जरूरी होता है। बिना पैन के टैक्स की रकम दोगुनी हो सकती है। कुल मिलाकर विदेश में इलाज या फिर पढ़ाई के लिए पैसा भेजना अब आसान होगा। इसे लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मैं उदारीकृत प्रेषण योजना (जिसे लोकप्रिय रूप से LRS के नाम से जाना जाता है) के तहत शिक्षा प्राप्त करने और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए TCS दर को 5% से घटाकर 2% करने का प्रस्ताव करती हूं।

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