EPFO: क्या आपके क्लेम पेंडिंग हैं, KYC में गलतियां हैं या बैलेंस गलत दिख रहा है? जानिए ऑनलाइन कैसे दर्ज करें शिकायत

अगर आपके EPF खाते में क्लेम, KYC, बैलेंस या अन्य कोई समस्या है, तो आप EPFO के EPFiGMS पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत के बाद रेफरेंस नंबर मिलता है, जिससे स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है।

Manali Rastogi
अपडेटेड5 Aug 2026, 01:30 PM IST
EPFO ने PF KYC अपडेट की प्रक्रिया को पूरी तरह बनाया ऑनलाइन और आसान
EPFO ने PF KYC अपडेट की प्रक्रिया को पूरी तरह बनाया ऑनलाइन और आसान

एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड (EPF) भारत सरकार की ओर से समर्थित रिटायरमेंट सेविंग्स स्कीम है। यह नौकरीपेशा लोगों के लिए लंबे समय तक बचत करने का एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर 15,000 रुपये या उससे कम होता है, वे EPF खाते के लिए पात्र होते हैं। वहीं, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA 15,000 रुपये से अधिक है, तो वह चाहें तो वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) में भी निवेश कर सकते हैं।

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वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए केंद्र सरकार ने EPF और VPF पर 8.25% ब्याज दर को मंजूरी दी है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 15 जुलाई तक सभी खातों में ब्याज की राशि जमा भी कर दी गई थी। लगातार तीसरे साल EPF पर 8.25% ब्याज दिया गया है।

अगर आपके EPF खाते में किसी तरह की समस्या है, जैसे क्लेम अटका हुआ है, KYC अपडेट नहीं हुआ है या बैलेंस गलत दिख रहा है, तो आप EPFO में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आइए जानते हैं इसका पूरा तरीका।

EPFO में शिकायत कैसे दर्ज करें?

EPFO ने शिकायतों के समाधान के लिए EPFO ग्रिवेंस मैनेजमेंट सिस्टम (EPFiGMS) नाम का ऑनलाइन पोर्टल बनाया है। इस पोर्टल का इस्तेमाल EPF सदस्य, पेंशनधारक और नियोक्ता (Employer) सभी कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज करने का आसान तरीका

  • EPFiGMS पोर्टल पर जाएं और अपने UAN, Establishment Number या PPO Number की मदद से लॉग इन करें।
  • इसके बाद 'Register Grievance' पर क्लिक करें।
  • अब अपनी श्रेणी चुनें। इसमें PF Member, EPS Pensioner, Employer और Others का विकल्प मिलेगा।
  • यदि आपके पास UAN, Establishment Number या PPO Number नहीं है, तो 'Others' विकल्प चुन सकते हैं।
  • इसके बाद अपना PF अकाउंट, व्यक्तिगत जानकारी और नियोक्ता से जुड़ी जरूरी जानकारी भरें।
  • अपनी शिकायत से संबंधित कैटेगरी चुनें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
  • सभी जानकारी भरने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें।
  • शिकायत दर्ज होने के बाद आपको एक रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिसकी मदद से आप अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।

EPFO कस्टमर केयर से कैसे संपर्क करें?

अगर आपको ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने में परेशानी हो रही है या किसी अन्य मदद की जरूरत है, तो EPFO से कई तरीकों से संपर्क किया जा सकता है।

  • टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-11-8005 (सोमवार से शनिवार, सुबह 9:15 बजे से शाम 5:45 बजे तक)
  • ईमेल: employeefeedback@epfindia.gov.in
  • यहां ईमेल भेजने पर कुछ कार्यदिवसों में जवाब मिल सकता है।
  • ऑनलाइन ग्रिवेंस पोर्टल: EPFiGMS पोर्टल 24 घंटे उपलब्ध रहता है।
  • सोशल मीडिया: EPFO के आधिकारिक Facebook, X (पहले Twitter), Quora पेज और वेबसाइट के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है।
  • अगर आपकी समस्या जटिल है, तो आप अपने नजदीकी रीजनल या सब-रीजनल EPFO ऑफिस में जाकर भी सहायता ले सकते हैं।

EPF में निवेश क्यों करना चाहिए?

EPF नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देने वाली सबसे भरोसेमंद योजनाओं में से एक है। वित्त वर्ष 2025-26 में भी इस पर 8.25% ब्याज दिया जा रहा है, जो लगातार तीसरा साल है।

इसके अलावा EPF में निवेश पर टैक्स से जुड़े कई फायदे भी मिलते हैं।

  • पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में कर्मचारी का 1.5 लाख रुपये तक का सालाना योगदान आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट के दायरे में आता है।
  • नियोक्ता की ओर से 12% तक का योगदान (7.5 लाख रुपये की तय सीमा के भीतर) पुरानी और नई, दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में टैक्स-फ्री माना जाता है।
  • कर्मचारी के योगदान पर 2.5 लाख रुपये तक मिलने वाला ब्याज टैक्स-फ्री रहता है।
  • वहीं, नियोक्ता के योगदान पर मिलने वाला ब्याज भी टैक्स के दायरे से बाहर होता है।

इन्हीं कारणों से EPF को रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित बचत और टैक्स बचाने का एक बेहतर विकल्प माना जाता है।

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