
EPF VPF Retirement Corpus: अगर आप सैलरीड कर्मचारी हैं और एम्पलाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन यानी ईपीएफओ (EPFO) के दायरे में आते हैं, तो आपके लिए एक बड़ा तोहफा सामने आया है। EPF के जरिए आप वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) से अपना रिटायरमेंट कॉर्पस आसानी से बढ़ा सकते हैं। वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड दरअसल आपके मौजूदा ईपीएफ अकाउंट (EPF Account) में एक्स्ट्रा रकम जमा करने का तरीका है।
EPFO की तरफ से मिलने वाली इस सुविधा के जरिए आप चाहें तो अपनी सैलरी का ज्यादा हिस्सा ईपीएफ में निवेश कर सकते हैं, ताकि आपको रिटायरमेंट के समय ज्यादा बड़ा कॉर्पस मिल सके। इसमें आपको हर महीने अच्छा खासा ब्याज मिलता है, साथ ही आपकी रकम डूबने का कोई रिस्क नहीं रहता है।
VPF, एक तरह से EPF का ही एक्सटेंशन है जहां कर्मचारी इच्छानुसार (Voluntary) अतिरिक्त योगदान कर सकता है। कहने का मतलब ये हुआ कि आप अपने EPF खाते में अपनी क्षमता के अनुसार और पैसा डाल सकते हैं। VPF में सैलरी कटाने की कोई सीमा तय नहीं होती है। कर्मचारी चाहे तो बेसिक सैलरी का 100 फीसदी तक योगदान भी कर सकते हैं। VPF पर मिलने वाला ब्याज EPF के समान होता है, यानी जो ब्याज EPF पर मिल रहा होगा, VPF पर भी वही रेट लागू होता है। ऐसे में आपको पीएफ से मोटा फंड जमा करने का पूरा मौका मिलता है।
VPF में कंट्रीब्यूशन एक बार शुरू करने पर कम से कम 5 साल तक जारी रखना जरूरी है। EPF की ब्याज दर 8.25 फीसदी तय की गई है और यही दर वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड पर भी लागू होती है। यह ब्याज दर कई बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से ज्यादा है। वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड में जमा रकम पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। सालभर में अगर आपका ईपीएफ और वीपीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन 2.5 लाख रुपये से कम है, तो ब्याज टैक्स-फ्री रहेगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए यह लिमिट 5 लाख रुपये तक है। 5 साल की लगातार नौकरी के बाद निकासी भी टैक्स फ्री होती है।
अपनी कंपनी के HR/Payroll से बताएं कि आप VPF में योगदान बढ़ाना चाहते हैं। आपको अपनी सैलरी का कितना योगदान बढ़ाना है, इसके बारे में आपको एक फॉर्म भरकर HR को देना होगा। इसके बाद वे आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे और कुछ समय बाद आपका वीपीएफ अकाउंट से कटने लगेगा। अगर आप फ्रीलांसर हैं या नौकरी बदलते हैं, तो भी अपने EPF खाते में VPF जोड़ने की प्रक्रियाएं HR के जरिए या EPFO पोर्टल पर उपलब्ध हैं। हर साल अपने योगदान और कुल बैलेंस की जांच EPF पासबुक/UMANG/DigiLocker से करें।
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