
अगर आप रिटायरमेंट की प्लानिंग कर रहे हैं, तो कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) भारत की दो सबसे विश्वसनीय योजनाएं हैं। ये दोनों योजनाएं कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 के अंतर्गत आती हैं और नौकरीपेशा लोगों को रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित बचत का साधन देती हैं।
EPF लंबे समय की बचत के लिए एक सुरक्षित और अनुशासित तरीका है, जबकि EPS रिटायरमेंट के बाद नियमित आय (पेंशन) का साधन प्रदान करती है।
EPF (Employees’ Provident Fund) केवल उन कर्मचारियों के लिए है जो EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) से पंजीकृत कंपनियों में काम करते हैं।
EPF पर 2024-25 के लिए 8.25% ब्याज दिया जाता है, जिसे हर साल समीक्षा की जाती है।
EPS (Employees’ Pension Scheme) रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन देने की योजना है।
EPF और EPS मिलकर नौकरीपेशा लोगों को दोहरा लाभ देते हैं:
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी प्रकार की वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने जोखिम प्रोफाइल का मूल्यांकन करें और योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। बाजार की स्थितियां और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं।)
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