EPFO: EDLI नियमों में बड़ा बदलाव, कर्मचारियों की हो गई बल्ले-बल्ले

EPFO ने साफ तौर पर कहा है कि नौकरियों के बीच वीकेंड और छुट्टियों को EDLI डेथ क्लेम के लिए सर्विस में ब्रेक नहीं माना जाएगा। इससे अब छोटे-मोटे गैप होने पर भी परिवारों को फ़ायदे मिलेंगे, जिससे पहले के रिजेक्शन की समस्या हल होगी।

Jitendra Singh
अपडेटेड25 Dec 2025, 02:54 PM IST
EPFO: सब्सक्राइबर्स को ज्यादा आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
EPFO: सब्सक्राइबर्स को ज्यादा आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

EPFO: अगर आप नौकरी करते हैं और अपने भविष्य के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाते में पैसा जमा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) ने दिसंबर 2025 में एक अहम बदलाव किया है। इससे लाखों कर्मचारियों के परिवारों को बड़ी राहत मिली है। नए सर्कुलर के तहत ईपीएफओ ने ईडीएलआई यानी एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम के नियमों को और ज्यादा व्यावहारिक बना दिया है। इसका सीधा फायदा उन परिवारों को मिलेगा, जिनके डेथ क्लेम्स अब तक छोटी तकनीकी वजहों या जॉब बदलते समय आए मामूली गैप्स के कारण अटक या रिजेक्ट हो जाते थे।

इस नए सर्कुलर में नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बड़ा फायदा मिलेगा। इस नए फैसले से अब वीकेंड और सरकारी छुट्टियों की वजह से सर्विस में ब्रेक नहीं माना जाएगा, जिससे डेथ क्लेम से जुड़े विवाद काफी हद तक खत्म हो सकते हैं।

छुट्टी की वजह से नहीं मानी जाएगी सर्विस ब्रेक

EPFO ने साफ किया है कि अगर कोई कर्मचारी एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी जॉइन करता है और बीच में सिर्फ शनिवार, रविवार या कोई घोषित छुट्टी आती है, तो उसे सर्विस में ब्रेक नहीं माना जाएगा। पहले कई मामलों में ऐसा देखा गया था कि दो नौकरियों के बीच वीकेंड आने पर कर्मचारी की सर्विस पर ब्रेक मान लिया जाता था, जिससे उनके परिवार को बीमा और पेंशन से जुड़े फायदे नहीं मिल पाते थे। जैसे कोई कर्मचारी शुक्रवार को एक कंपनी से इस्तीफा देता है और सोमवार को नई कंपनी जॉइन कर लेता है। कुल मिलाकर उसने 12 महीने से ज्यादा सर्विस की होती है, लेकिन बीच का वीकेंड ब्रेक मान लिया जाता था। नतीजा यह कि परिवार को EDLI का फायदा नहीं मिलता था।

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ये हैं नए नियम

1. दो नौकरियों के बीच आने वाले शनिवार, रविवार या तय साप्ताहिक छुट्टी को ब्रेक नहीं माना जाएगा।

2. राष्ट्रीय छुट्टियां, गजटेड छुट्टियां, राज्य छुट्टियां और रेस्ट्रिक्टेड छुट्टियां भी नजरअंदाज की जाएंगी।

3. यह तब लागू होगा जब पुरानी कंपनी छोड़ने और नई जॉइन करने के बीच सिर्फ ये छुट्टियां ही हों।

4. अगर कोई कर्मचारी कई EPF कवर वाली कंपनियों में काम करता है और नौकरियों के बीच 60 दिन तक का गैप होता है, तो भी इसे लगातार सर्विस माना जाएगा।

5. यानी छोटे और मजबूरी वाले ब्रेक अब परिवार को इंश्योरेंस फायदे से वंचित नहीं करेंगे।

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मिनिमम EDLI पेआउट बढ़ाकर 50,000

EPFO ने EDLI स्कीम के तहत मिनिमम पेआउट को बढ़ाकर 50,000 कर दिया है। यह रकम नॉमिनी को तब भी मिलेगी, जब कर्मचारी ने 12 महीने की कंटीन्यूअस सर्विस पूरी न की हो। इतना ही नहीं, अगर मेंबर का एवरेज पीएफ बैलेंस 50,000 से कम है, तब भी मिनिमम 50,000 का भुगतान किया जाएगा। यह फैसला कम सैलरी वाले और नए कर्मचारियों के परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

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मौत की स्थिति में 6 महीने की शर्त में भी राहत

नए सर्कुलर के मुताबिक, अगर कर्मचारी की मौत लास्ट पीएफ कंट्रीब्यूशन की तारीख से 6 महीने के भीतर होती है और वह अभी भी एम्प्लॉयर की रोल्स पर है, तो भी मिनिमम EDLI बेनिफिट लागू होगा। पहले ऐसे मामलों में भी क्लेम्स को लेकर काफी कन्फ्यूजन और देरी होती थी।

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