
EPFO Pension Rules: अगर आपका भी पीएफ कटता है, तो ये खबर आपके काफी काम की है। दरअसल EPFO ने पेंशन से जुड़े कुछ नियमों को बदला है, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए। आज हम आपको उन 5 बदलावों के बारे में बताने वाले हैं, जो आपके रिटायरमेंट के बाद मिलने पैसे पर असर डालेंगे। आइए उन बदलावों के बारे में जानते हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पेंशन की गणना के नियम को बदल दिया है। ये बदलाव पेंशनभोगियों के लिए काफी फायदेमंद है। दरअसल पहले पेंशन की गणना आखिरी वेतन पर की जाती थी, जबकि अब 5 साल की सैलरी के औसत वेतन के आधार पर पेंशन की गणना होगी।
पहले पेंशन निकालने की उम्र 58 साल थी, जिसे अब घटाकर 50 कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति जल्दी पेंशन लेना चाहता है, तो वो 50 साल की उम्र में उसके लिए अप्लाई कर सकता है। बता दें कि जल्दी पेंशन लेने से पेंशन की रकम कम हो जाती है।
EPFO कर्मचारियों के लिए अपनी सर्विस को अपडेट करता रहता है, जिससे लोगों को पेंशन मिलने में कोई दिक्कत न हो। इसी क्रम में पेंशन क्लेम से जुड़े सभी प्रोसेस जैसे फॉर्म भरना, दस्तावेज अपलोड करना और अप्रूवल EPFO की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से पूरी की जा सकती हैं। पहले इसके लिए लंबी-लंबी लाइन लगती थी।
EPFO ने साफ कह दिया है, कि अगर कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है, तो उसको पेंशन में कोई नुकसान नहीं होगा। उसका पुराना रिकॉर्ड नई कंपनी से जुड़ जाएगा, जिससे उसकी पेंशन आगे भी बनती रहेगी।
ईपीएफओ ने पेंशन की अधिकतम लिमिट को भी बढ़ा दिया है। पहले ये लिमिट 7,500 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 15,000 कर दिया है। ऐसे में अगर आपकी सैलरी ज्यादा है, तो रिटायरमेंट के बाद आपको अधिकतम 15000 रुपये पेंशन मिल सकती है। बता दें कि इनमें से काफी बदलाव पुराने हैं, लेकिन इनके बारे में भी पेंशनभोगियों को पता होना चाहिए।
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