EPFO Scheme: EPS कंट्रीब्यूशन से जुड़ी गलतियां कर सकते हैं ठीक, गाइडलाइंस जारी

EPFO Scheme: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में अधूरे योगदान या गलत भुगतान से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है। EPFO ने कहा कि पेंशन रिकॉर्ड को सही बनाने और कर्मचारियों के पेंशन क्लेम आसान करने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड26 Dec 2025, 01:51 PM IST
PF में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन 3 हिस्सों में जाता है।
PF में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन 3 हिस्सों में जाता है।

EPFO Scheme: प्राइवेट सेक्टर में सैलरीड पर्सन के लिए प्रोविडेंट फंड एक बहुत बड़ा सपोर्ट होता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से सभी सैलरीड इनकम वाले लोगों को प्रॉविडेंट फंड (PF) की ये सुविधा दी जाती है। इसके लिए एम्प्लॉयी की बेसिक सैलरी से हर महीने 12% अमाउंट काटा जाता है। ये पैसा PF अकाउंट में जमा होता है और रिटायरमेंट के समय आपको एकमुश्त मिलता है। इसी अकाउंट से EPFO आपको पेंशन और इंश्योरेंस बेनिफिट भी देती है। इसबीच EPFO ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) से जुड़े गलत या अधूरे योगदान के मामलों को सुलझाने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसका मकसद पेंशन रिकॉर्ड को सही करना और कर्मचारियों के पेंशन क्लेम को आसान बनाना है।

दरअसल, EPFO ने बताया कि कई मामलों में यह देखा गया है कि नियोक्ताओं ने उन कर्मचारियों के लिए EPS का पैसा जमा कर दिया, जो पेंशन के लिए पात्र नहीं थे। वहीं, कुछ मामलों में ऐसे कर्मचारी भी रहे, जो पेंशन के लिए पात्र थे लेकिन उनके लिए EPS का योगदान जमा ही नहीं किया गया। इन गलतियों की वजह से पेंशन से जुड़े दावों की प्रोसेसिंग में लगातार दिक्कतें आ रही थीं।

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EPFO ने स्पष्ट कहा कि जिन कर्मचारियों के खाते में पेंशन का पैसा गलती से जमा कर दिया गया है, उनसे वापस लिया जाएगा। उस राशि को ईपीएफओ ब्याज समेत वापस लेगा और उसके बाद छूट प्राप्त संस्थानों के लिए यह पूरी पेंशन खाते से PF अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

छूट प्राप्त और बिना छूट वाले संस्थानों के लिए नियम

इतना ही नहीं, कर्मचारी पेंशन योजना से उस सदस्य का गलत रिकॉर्ड भी हटा दिया जाएगा। ईपीएफ ब्याज सहित पूरी राशि को कर्मचारी के पीएफ खाते में हस्तांतरित करेगा। ऐसे मामलों के लिए EPFO ने छूट प्राप्त और बिना छूट वाले संस्थानों के लिए सुधार के नियम बनाए हैं। नई गाइडलाइंस में कहा गया है कि छूट प्राप्त संस्थान (Exempt Institutions) के लिए संबंधित पीएफ ट्रस्ट ब्याज समेत देय ईपीएस की गणना करेगा। उस पैसे को EPFO के पेशन खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।

PF में कितना होता है कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन?

PF में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन 3 हिस्सों में जाता है। 3.67% रकम EPF में जमा होती है। बाकी 8.33% EPS यानी एम्प्लॉयी पेंशन सर्विस और IDLI (इंश्योरेंस) में डाला जाता है।

EPS का बेनिफिट लेने की क्या हैं शर्तें?

कर्मचारी को EPF का सदस्य होना चाहिए। नौकरी का कार्यकाल कम से कम 10 साल तक होना चाहिए। कर्मचारी 58 साल की उम्र पूरी कर चुका हो। 50 साल की उम्र पूरी कर लेने और 58 साल की उम्र से पहले भी पेंशन लेने का ऑप्शन चुना जा सकता है। कर्मचारी चाहे तो 58 साल पूरा होने के बाद भी EPS में कॉन्ट्रिब्यूशन कर सकते हैं।

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पेंशन के लिए कितने साल का कॉन्ट्रीब्यूशन जरूरी?

अगर आप EPFO की पेंशन सुविधा का फायदा उठाना चाहते हैं, तो मिनिमम 10 साल तक EPS में कॉन्ट्रीब्यूशन जरूरी है। इसका मतलब यह हुआ कि आपकी 10 साल तक नौकरी होनी जरूरी है। मैक्सिमम पेंशनेबल सर्विस 35 साल तक होनी चाहिए। अभी पेंशन योग्य सैलरी मैक्सिमम 15 हजार रुपये ही मानी जाती है। इससे पेंशन का हिस्सा मैक्सिमम 1250 प्रति महीना हो जाता है।

15 साल की सर्विस पर कितनी बनेगी पेंशन?

अगर आप प्राइवेट सेक्टर के एम्प्लॉयी हैं। आपका EPS अकाउंट भी है, तो आपको रिटायरमेंट के बाद एक निश्चित रकम पेंशन के तौर पर मिलेगी। पेंशन पाने के लिए मिनिमम 10 साल तक EPS अकाउंट में कॉन्ट्रिब्यूशन जरूरी है। अगर आपकी सर्विस 15 साल की है, तो ब्याज समेत ये आपको पेंशन के तौर पर रकम कितनी होगी, इसका कैल्कुलेशन आप घर बैठे तय फॉर्मूले से कुछ मिनटों में कर सकते हैं।

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