EPFO Wage Cap: ₹15,000 से ₹21,000 तक बढ़ सकती है वेतन सीमा? किसे होगा फायदा

EPFO Wage Ceiling: EPFO की 15,000 वेज सीलिंग बढ़ाने की मांग को सुप्रीम कोर्ट से समर्थन मिला है। कोर्ट ने सरकार को चार महीने में फैसला लेने को कहा है। अगर सीमा बढ़ती है तो ज्यादा कर्मचारी EPF, EPS और EDLI के दायरे में आ सकते हैं।

Priya Shandilya
अपडेटेड9 Jan 2026, 03:11 PM IST
PF नियमों में बदलाव की तैयारी, नौकरीपेशा लोगों के लिए क्या मतलब
PF नियमों में बदलाव की तैयारी, नौकरीपेशा लोगों के लिए क्या मतलब

EPFO Wage Ceiling: नौकरीपेशा लोगों के बीच EPF को लेकर एक सवाल लंबे वक्त से उठता रहा है, जब सैलरी बढ़ गई, तो PF की सीमा वहीं क्यों अटकी है? कर्मचारी संगठनों की यही मांग अब और तेज हो गई है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से कहा है कि EPFO की वेज सीलिंग पर चार महीने के भीतर फैसला लिया जाए। इससे लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

कोर्ट का आदेश क्यों अहम माना जा रहा है

जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चांदुरकर की बेंच ने यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता नवीन प्रकाश नौटियाल ने दायर की थी। उनका कहना था कि 15,000 से ज्यादा बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी EPFO की अनिवार्य सुरक्षा से बाहर रह जाते हैं, जो आज के समय में सही नहीं है।

EPFO वेज सीलिंग होती क्या है?

वेज सीलिंग वह अधिकतम वेतन सीमा होती है, जिसके भीतर EPF, EPS और EDLI में योगदान करना अनिवार्य होता है। इस सीमा के आधार पर तय होता है कि कौन कर्मचारी इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अपने आप शामिल होगा। हैरानी की बात यह है कि महंगाई और वेतन ढांचे में बड़े बदलाव के बावजूद यह सीमा सितंबर 2014 से नहीं बदली गई है।

2025 में मौजूदा नियम क्या कहते हैं

फिलहाल EPFO की वेज सीलिंग 15,000 है। यानी जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और DA मिलाकर 15,000 या उससे कम है, उनके लिए EPF और EDLI में योगदान जरूरी है। इससे ज्यादा सैलरी वालों के लिए यह अनिवार्य नहीं है, हालांकि नियोक्ता की सहमति से वे स्वेच्छा से EPF और EDLI से जुड़ सकते हैं। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इस सीमा को कम से कम 21,000 तक बढ़ाया जाए।

वेज कैप बढ़ने पर किसे होगा फायदा?

टैक्समैन के टैक्स एक्सपर्ट राहुल सिंह के मुताबिक, वेज सीलिंग बढ़ने से बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी EPFO के दायरे में आएंगे, जो अभी बाहर हैं। इससे उनकी रिटायरमेंट सेविंग मजबूत होगी और EPF के EEE टैक्स बेनिफिट के चलते लंबी अवधि में टैक्स-एफिशिएंट वेल्थ क्रिएशन संभव होगा।

कर्मचारियों और कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा

Makhijani Gera & Associates LLP के मैनेजिंग पार्टनर, सीए गौरव मखीजानी का कहना है कि वेज सीलिंग बढ़ने से नियोक्ताओं की लागत जरूर बढ़ेगी और कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि लंबे समय में इसका फायदा ज्यादा होगा, क्योंकि रिटायरमेंट के समय बड़ा कॉर्पस मिलेगा और पेंशन योगदान भी बढ़ेगा।

EPS बिना EPF के मिल सकती है या नहीं

इस सवाल पर नियम बिल्कुल साफ हैं। EPF का सदस्य बने बिना EPS-95 पेंशन स्कीम की सदस्यता नहीं मिल सकती। 1 सितंबर 2014 के बाद 15,000 से ज्यादा बेसिक वेतन पर नई नौकरी जॉइन करने वालों को EPS का लाभ नहीं मिलता, भले ही वे EPF में योगदान करें।

EPF से जुड़ने पर और क्या फायदे

EPF जॉइन करने पर कर्मचारी को पेंशन का लाभ (सीमित वेतन सीमा तक) और EDLI स्कीम के तहत बीमा सुरक्षा भी मिलती है। हालांकि EDLI में योगदान की अधिकतम सीमा भी फिलहाल 15,000 वेतन तक ही तय है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गेंद सरकार के पाले में है। अगर वेज सीलिंग बढ़ाई जाती है, तो यह EPFO सिस्टम में अब तक के सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जाएगा, जिसका असर सीधे नौकरीपेशा लोगों की भविष्य की सुरक्षा पर पड़ेगा।

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