Fake donation in income tax return: सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म रेडिट पर एक यूजर ने विस्तार से बताया कि कैसे टैक्स कंस्लटेंट ने उन्हें बताए बिना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में फर्जी डोनेशन दिखा दिया और अब उन्हें विभाग से करीब 8 लाख रुपये का पेनल्टी नोटिस आ गया है। स्थिति ये है कि वो अब सोशल मीडिया पर लोगों की सलाह मांग रहे हैं। उनका कहना है कि जुर्माने की रकम इतनी ज्यादा है कि उनकी नींद उड़ गई है क्योंकि इतना पैसा देना पड़ा तो घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो जाएगी।
टैक्स कंसल्टेंट की धोखेबाजी
उन्होंने लिखा, 'एक टैक्स कंसल्टेंट ने मेरा इकम टैक्स रिटर्न भरा। उन्होंने मुझे बताए बिना आईटीआर में 5 लाख रुपये का डोनेशन डिडक्शन दिखा दिया। आयकर विभाग ने मेरे आईटीआर को स्क्रूटनी में डाल दिया। तब भी कंसल्टेंट ने स्थिति को संभालने के बजाय विभाग के सारे नोटिसों की अनदेखी की। यहां तक कि मैंने एजुकेशन लोन सर्टिफिकेट, सेक्शन 80C के तहत निवेश के सबूत समेत जो अन्य डॉक्युमेंट्स दिए थे, वो भी विभाग को नहीं भेजे।'
4.5 लाख का टैक्स दे चुके, अब 8 लाख का लगा जुर्माना
वो आगे कहते हैं, 'इस कारण मुझे 4.5 लाख रुपये का टैक्स डिमांड नोटिस आ गया। मैंने अपनी मां का जेवर बैंक में गिरवी रखकर ये पैसे चुकाए। करीब दो महीने तक गिड़गिड़ाने के बाद कंसल्टेंट ने मुझे 2 लाख रुपये दिए और यह भी भरोसा दिलाया कि जुर्माने की कार्यवाही होती है, तो वह देख लेंगे। अब मुझे सेक्शन 270A के तहत 7,79,038 रुपये का पेनल्टी नोटिस मिल गया है और कंस्लटेंट अब न कॉल उठाते हैं, न ही मेसेज का जवाब देते हैं।'
टैक्स कंसल्टेंट के खिलाफ सबूत और मदद की अपील
उन्होंने कहा, 'मेरे पास वॉट्सऐप चैट हैं जिसमें मुझसे पूछे बिना 5 लाख रुपये डोनेशन में दिखाने की बात सबूत के रूप में सहेज रखे हैं। मेरे पास एक वीडियो रिकॉर्डिंग भी है जिसमें वो स्क्रूटनी केस को क्लियर करने के लिए एक इनकम टैक्स ऑफिसर को घूस देने की बात कर रहे हैं।' उनका सवाल है कि 'क्या ये सबूत मेरे फेवर में काम आ सकते हैं? क्या पेनल्टी नोटिस को चैलेंज किया जा सकता है? क्या टैक्स कंसल्टेंट के खिलाफ मैं कानूनी कार्रवाई कर सकता हूं? क्या मुझे तुरंत सीए या टैक्स लॉयर की मदद लेनी चाहिए?'