विदेशी फंड से चमकेंगे सरकारी बैंक, केंद्र सरकार ने की यह बड़ी तैयारी

Public Sector Banks FDI Limit: सरकारी बैंकों में फॉरेन डायरेक्ट निवेश (FDI) की लिमिट बढ़ सकती है। फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी एम नागराजू ने कहा कि वित्त मंत्रालय FDI लिमिट को बढ़ाकर 49% करने पर विचार कर रहा है और इस मुद्दे पर मंत्रालयों के बीच बातचीत चल रही है।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड4 Feb 2026, 04:02 PM IST
Public Sector Banks FDI Limit: फिलहाल FDI की लिमिट 20 फीसदी है।
Public Sector Banks FDI Limit: फिलहाल FDI की लिमिट 20 फीसदी है।

Public Sector Banks FDI Limit: भारत के सरकारी बैंकों को लेकर वित्त मंत्रालय एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है। सरकार न केवल इन बैंकों में विदेशी निवेश का रास्ता और चौड़ा करने वाली है, बल्कि अगले 5 साल में इनकी ताकत को दोगुना करने का खाका भी तैयार कर लिया गया है। फाइनेंशियल सर्विसेज डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी एम नागराजू ने कहा कि केंद्र सरकार पब्लिक सेक्टर के बैंकों में 49 फीसदी फॉरेन डायरेक्ट निवेश (Foreign Direct Investment - FDI) करने पर विचार कर रही है। मौजूदा समय में यह लिमिट 20 फीसदी है।

वित्त मंत्रालय इस बारे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के साथ पिछले कुछ महीनों से सलाह-मशविरा कर रहा है। लेकिन इस प्रस्ताव को अब तक फाइनल नहीं किया गया है। भारत के बैंकिंग सेक्टर में विदेशी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है, जिसका प्रमाण दुबई स्थित एमिरेट्स एनबीडी द्वारा प्राइवेट लेंडर आरबीएल बैंक में 60 फीसदी हिस्सेदारी का 3 अरब डॉलर का अधिग्रहण है।

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भारत में प्राइवेट बैंकों में मौजूदा समय में 74 फीसदी तक विदेशी निवेश की अनुमति मिली हुई है। हालांकि किसी भी एक विदेशी संस्था की हिस्सेदारी 15 फीसदी तक सीमित है, जब तक कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कोई विशेष छूट न दी जाए।

सरकारी बैंकों में कितनी होगी FDI की लिमिट

नागराजू ने कहा, "PSB में FDI का लेवल क्या होना चाहिए, इस पर अभी भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी लिमिट रहेगी वह 49 फीसदी से कम हो सकती है। इसकी वजह ये है कि सरकार को इन बैंकों 51 फीसदी हिस्सेदारी रखना होता है। प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के लिए FDI की लिमिट 74% है, जिसमें 49% तक FDI ऑटोमैटिक रूट से मिलती है।

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यानी सरकार या RBI से पहले इजाज़त लेने की जरूरत नहीं होती है। 49% से ज्यादा FDI के लिए सरकार की इजाज़त जरूरी होती है। मिंट ने जुलाई 2025 में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि सरकार PSBs में FDI लिमिट को बढ़ाकर 49% करने का प्लान कर रही है। वहीं वोटिंग राइट्स को 10% पर ही सीमित रखा जाएगा।

कुछ बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी का प्रतिशत घटा

केंद्र सरकार की हिस्सेदारी पर स्पष्ट करते हुए नागराजू ने कहा कि वर्ष 2020 के बाद से 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकार के पास मौजूद शेयरों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि, बैंकों द्वारा पूंजी जुटाने के लिए नए शेयर जारी किए जाने के चलते कुछ बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी का प्रतिशत घटा है। आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को लेकर उन्होंने बताया कि इसके लिए वित्तीय बोलियां इस महीने या अगले महीने आमंत्रित की जा सकती हैं।

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बैंक में एफडीआई (FDI) बढ़ाने का मतलब

किसी बैंक में एफडीआई बढ़ाने का मतलब यह है कि उस बैंक में विदेशी निवेशकों को अधिक हिस्सेदारी (शेयर) खरीदने की अनुमति देना। इसे सरल शब्दों में ऐसे समझें कि जब सरकार किसी बैंक में एफडीआई की सीमा बढ़ाती है, तो विदेशी कंपनियां, विदेशी बैंक या विदेशी निवेशक उस बैंक के ज्यादा शेयर खरीद सकते हैं। उदाहरण के लिए अभी अगर किसी सरकारी बैंक में एफडीआई सीमा 20% है, तो विदेशी निवेशक मिलकर अधिकतम 20% शेयर ही खरीद सकते हैं। अगर यह सीमा 49% कर दी जाती है, तो वे लगभग आधे बैंक तक की हिस्सेदारी खरीद सकेंगे।

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