
Festive Personal Loan Survey: फेस्टिव सीजन में लोन लेने का चलन तेजी से बढ़ा है। फेस्टिव खर्चों के लिए पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहक अब ब्याज दरों के बजाय इंस्टेंट डिस्बर्सल और पूरी तरह डिजिटल लोन प्रोसेस को सबसे पहले प्राथमिकता दे रहे हैं। कहने का मतलब ये हुआ कि लोग अब जल्द मंजूर होने वाले लोन और कम कागजी कार्रवाई वाले लोन को पहले प्राथमकिता दे रहे हैं। इस बात का खुलासा पैसाबाजर की ओर से किए गए एक सर्वे में हुआ है।
इस सर्वे में शामिल 10,200 से अधिक लोगों में से 42 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्होंने तेज डिस्बर्सल और न्यूनतम डॉक्युमेंटेशन की वजह से अपने बैंक/लोन संस्थान को चुना है। वहीं 25 फीसदी लोगों ने कहा कि लोन चुनते समय कम ब्याज दरें उनके लिए अहम फैक्टर थीं। यानी लोन लेते समय लोगों ने ब्याज दरों की भी तुलना की है। जहां भी कम ब्याज पर लोन मिला, उसे प्राथमिकता दी है। इससे यह पता चलता है कि ग्राहकों का रुझान अब आसान तरीके से और तुरंत लोन पाने की ओर अधिक बढ़ रहा है।
सर्वे में 80 फीसदी लोगों ने कहा कि वो कई तरह के लोन ऑफर्स की तुलना करते हैं। इसके बाद गाइडलाइंस पढ़ते हैं। इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म को तरजीह देते हैं। इनमें 53 फीसदी लोगों ने कहा कि जल्द मंजूर होने वाले और कम कागजी कार्रवाई वाले लोन का तरजीह देते हैं। इस मामले में पैसाबाज़ार की सीईओ, संतोष अग्रवाल ने कहा कि कई कंज़्यूमर सेगमेंट में बुनियादी ज़रूरतों के साथ-साथ लाइफस्टाइल और फेस्टिव खर्चों के लिए, पर्सनल लोन लेने का चलन बढ़ा है। इस सर्वे से पता चलता है कि वे ऐसे सीमलेस डिजिटल प्रोसेस को प्राथमिकता देते हैं जो लोन तक पहुँच को आसान, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाते हों।
सर्वे से पता चलता है कि 41 फीसदी लोगों ने पहली बार फेस्टिव खर्चों के लिए पर्सनल लोन लिया है। यह इस कैटेगरी में नए चलन का संकेत है। वहीं 46 फीसदी ने कहा कि वे आने वाले फेस्टिव सीज़न में भी पर्सनल लोन लेने को इच्छुक हैं। इससे पता चलता है कि अब ग्राहक इसे एक भरोसेमंद और सुविधाजनक फाइनेंशियल विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
इस सर्वे के अनुसार, फेस्टिव सीज़न के दौरान पर्सनल लोन लेने का सबसे बड़ा कारण होम रेनोवेशन और फर्निशिंग (18%) रहा। इसके बाद, अप्लायंसेज़, इलेक्ट्रॉनिक्स और फेस्टिव शॉपिंग या गिफ्टिंग (15%) का स्थान रहा। अन्य प्रमुख कैटेगरी में गोल्ड और ज्वेलरी (12%), डेट कंसॉलिडेशन (10%) और फैशन व लाइफस्टाइल शॉपिंग (10%) प्रमुख उद्देश्यों में शामिल थे, जो इस दौरान कंज़्यूमर्स की विविध वित्तीय ज़रूरतों को उजागर करते हैं। लगभग 60 फीसदी लोगों ने 5 लाख रु. से कम का फेस्टिव पर्सनल लोन लिया है। वहीं 42 फीसदी ने 5 साल से कम अवधि वाले लोन को प्राथमिकता दी है।
डिस्बर्सल लोन का मतलब है कि आपका लोन स्वीकृत होने के बाद लोन राशि को आपके बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर कर दिया जाता है। यह लोन की स्वीकृत राशि (sanctioned amount) और अलग होता है, क्योंकि यह वास्तव में आपके खाते में आने वाली धनराशि होती है। लोन डिस्बर्सल के बाद, आपकी ईएमआई (EMI) की गणना भी इस डिस्बर्सल राशि के आधार पर की जाती है।
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