Financial Calender 2026: 1 जनवरी से सिर्फ नए साल का आगाज नहीं हुआ, इसके साथ ही नए नियम और नई हलचल भी शुरू हो चुकी है। साल 2026 का कैलेंडर महज नई तारीखों का नहीं, बल्कि आपकी पॉकेट, भविष्य और रोजाना की जिंदगी से जुड़े बदलावों का पूरा खाका है। हम आपको 2026 की अहम तारीखों की जानकारी दे रहे हैं। इनको आप अभी से नोट कर लें। ऐसा कर आप 2026 में टैक्स सेविंग, निवेश और दूसरी जरूरी अनुपालन (Compliance) आसानी से कर पाएंगे। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो कई जरूरी काम छूट सकते हैं या अंतिम समय में करना पड़ सकता है। इससे आपको नुकसान हो सकता है। इसलिए बचने के लिए इस वित्तीय कैलेंडर को जरूर नोट करें।
साल की शुरुआत में जिन सबसे ज़रूरी चीज़ों को चेक करना चाहिए, उनमें से एक आपकी टैक्स प्लानिंग और कंप्लायंस है। अगर आपने पुराना टैक्स सिस्टम चुना है और हाउस रेंट अलाउंस (HRA), डोनेशन और 80C डिडक्शन क्लेम करेंगे, तो यह सुनिश्चित करें कि आप सभी जरूरी डॉक्यूमेंट अपने एम्प्लॉयर को जनवरी में ही जमा कर दें। 1 फरवरी को बजट आने वाला है, इसलिए यह देखना ज़रूरी है कि कोई भी नया टैक्स बदलाव आपकी स्थिति पर कैसे असर डालता है।
मार्च के अंत तक चुकाएं टैक्स
मार्च के बीच में एडवांस टैक्स पेमेंट की आखिरी तारीख होती है और 31 मार्च तक, आपको पिछले फाइनेंशियल ईयर के डॉक्यूमेंटेशन और फाइलिंग का काम पूरा करना होता है। इन स्टेप्स को समय पर पूरा करने से आप पेनल्टी से बच सकते हैं और इंडियन टैक्स कानूनों के तहत मिलने वाले डिडक्शन का पूरा फायदा भी उठा सकते हैं।
1 अप्रैल से डिजिटल लेनदेन में अहम बदलाव
1 अप्रैल से डिजिटल लेनदेन के नियमों में बड़ा बदलाव लागू होगा। UPI, कार्ड, वॉलेट और नेट बैंकिंग जैसे सभी घरेलू ट्रांजैक्शन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा, हालांकि छोटे कॉन्टैक्टलेस लेनदेन को इससे छूट मिलेगी। ऐसे में बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को अपडेट रखना बेहद ज़रूरी है। वैसे भी निवेश के लिहाज से अप्रैल का पहला हफ्ता (1 से 5 अप्रैल) बेहद अहम माना जाता है। इस दौरान पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में एकमुश्त निवेश करने से पूरे साल का ब्याज मिलता है। वरिष्ठ नागरिक और अन्य पात्र व्यक्ति अप्रैल में ही फॉर्म 15G/15H जमा कराकर ब्याज आय पर अनावश्यक TDS कटौती से बच सकते हैं।
19 अप्रैल को अक्षय तृतीया
अप्रैल में ही अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) जैसे पारंपरिक अवसर आते हैं, जब सोने की खरीदारी की जाती है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि परंपरा के साथ-साथ वित्तीय समझदारी बनाए रखना भी ज़रूरी है।
जून-जुलाई में टैक्स फाइलिंग का सीजन
जून और जुलाई टैक्स फाइलिंग का सीज़न है। 15 जून के बाद जैसे ही सभी TDS सर्टिफिकेट और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) अपडेट हो जाएं, फाइलिंग शुरू कर दें। विदेशी संपत्तियों को लेकर टैक्स विभाग सख्त रुख अपना रहा है। लिहाजा शेड्यूल FA के तहत सही घोषणा करना जरूरी है।