New rules from June: UPI से क्रेडिट कार्ड तक… जून में बदल जाएंगे कई नियम! जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

New rules from June: जून का महीना कई अहम वित्तीय बदलाव लेकर आया है। टैक्स, बैंकिंग, UPI, शेयर बाजार और सोलर सेक्टर से जुड़े नए नियम लागू हो रहे हैं। इन बदलावों का असर आम लोगों से लेकर निवेशकों तक की जेब पर पड़ सकता है।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड30 May 2026, 09:22 PM IST
टैक्स से UPI तक, जून में बदल जाएंगे कई नियम (सांकेतिक तस्वीर)
टैक्स से UPI तक, जून में बदल जाएंगे कई नियम (सांकेतिक तस्वीर)(AI)

New rules from June: जून का महीना आपके वॉलेट, बैंक अकाउंट और टैक्स प्लानिंग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। चाहे आप नौकरीपेशा हों, शेयर बाजार में निवेश करते हों, UPI से पेमेंट करते हों या फिर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हों, कुछ नए नियम सीधे तौर पर आप की जेब पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि जून में कौन-कौन से बदलाव होने वाले हैं।

15 जून तक जमा करनी होगी एडवांस टैक्स की पहली किस्त

जून की सबसे अहम तारीख 15 जून है। जिन लोगों की अनुमानित टैक्स देनदारी 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करनी होगी। नियम के अनुसार कुल अनुमानित टैक्स का 15 फीसदी हिस्सा पहली किस्त के रूप में जमा करना जरूरी है। अगर समय पर भुगतान नहीं किया गया तो हर महीने 1 फीसदी ब्याज देना पड़ सकता है। खास बात यह है कि यह पहली एडवांस टैक्स किस्त होगी जो पूरी तरह नए आयकर अधिनियम 2025 और आयकर नियम 2026 के तहत आएगी।

पुराने टैक्स सिस्टम वालों को राहत

अगर आपने ओल्ड टैक्स रिजीम चुना है तो आपके लिए कुछ अच्छी खबर भी है।

  • बच्चों का शिक्षा भत्ता (Child Education Allowance): अब तक मिलने वाली महज 100 रुपये प्रति माह की छूट को सीधे बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति बच्चा प्रति माह कर दिया गया है।
  • हॉस्टल अलाउंस (Hostel Allowance): इसकी टैक्स छूट सीमा को भी बढ़ाकर अब 9,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
  • HRA में बंपर फायदा: अगर आप बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद या अहमदाबाद जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में किराए के मकान में रहते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। इन शहरों को अब 50% एचआरए (HRA) छूट वाली कैटगरी में शामिल कर लिया गया है, जिससे आपकी टैक्स बचत काफी बढ़ जाएगी।

F&O ट्रेडिंग करने वालों के लिए SEBI सख्त

अगर आप शेयर बाजार के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में किस्मत आजमाते हैं, तो अब आपको अपनी जेब में कैश ज्यादा रखना होगा। सेबी (SEBI) का 50:50 मार्जिन नियम अब पूरी तरह एक्शन में आ गया है। इसके तहत ट्रेडर्स को अपने कुल ट्रेडिंग मार्जिन का कम से कम 50% हिस्सा नकद के बराबर वाली चीजों में ही रखना होगा। आप सिर्फ अपने पोर्टफोलियो के शेयरों को गिरवी रखकर पूरा मार्जिन नहीं उठा पाएंगे।

UPI पेमेंट में अब नहीं चलेगा फर्जीवाड़ा

डिजिटल पेमेंट करने वालों को ऑनलाइन ठगी और फ्रॉड से बचाने के लिए NPCI भी एक कमाल का सिक्योरिटी फीचर ला रहा है। अब जब भी आप किसी दुकान पर QR कोड स्कैन करेंगे या किसी के मोबाइल नंबर पर UPI के जरिए पैसे भेजेंगे, तो स्क्रीन पर उस व्यक्ति का वही वेरिफाइड नाम दिखेगा जो उसके बैंक खाते में दर्ज है। इससे गलत अकाउंट में पैसे जाने और भ्रामक नाम रखकर ठगी करने वालों का खेल खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही, EPFO भी यूपीआई के जरिए पीएफ का पैसा तुरंत ट्रांसफर करने की तकनीक का ट्रायल कर रहा है, जिससे भविष्य में पीएफ का पैसा बहुत तेजी से आपके हाथ में आएगा।

क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग सेवाएं हो सकती हैं महंगी

बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए जून का महीना थोड़ा खर्चीला साबित हो सकता है। जून में कई बैंक और कार्ड कंपनियां अपने शुल्क और रिवॉर्ड सिस्टम में बदलाव कर रही हैं।

  • कोटक महिंद्रा बैंक: यूटिलिटी बिल, बिजली-पानी, पेट्रोल-डीजल, किराया और इंश्योरेंस प्रीमियम चुकाने पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स की एक लिमिट तय कर दी गई है। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड से किराया या पढ़ाई की फीस भरने पर 1% का एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा।
  • बैंक ऑफ बड़ौदा: अगर आप बैंक ऑफ बड़ौदा का 'One Co-branded' क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो ध्यान दें कि 23 जून से आपके कार्ड की बकाया रकम पर लगने वाला ब्याज 3.49% से बढ़कर 3.75% प्रति माह होने जा रहा है।
  • ICICI बैंक: अमेजन पे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को बड़ा झटका लगा है। 18 जून से कार्ड के जरिए रेंट पेमेंट करने पर मिलने वाला 1% का रिवॉर्ड बेनिफिट पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
  • HDFC बैंक: अगर आपका खाता एचडीएफसी बैंक में है, तो 25 जून से आपके फोन पर आने वाले एसएमएस (SMS) अलर्ट बदल जाएंगे। अब छोटे-मोटे खर्चों पर मैसेज नहीं आएगा। बैंक केवल 100 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान और 500 रुपये से अधिक की यूपीआई मनी रिसीव होने पर ही एसएमएस भेजेगा। हालांकि, ईमेल पर सभी ट्रांजैक्शन की जानकारी पहले की तरह मिलती रहेगी।

घर पर सोलर पैनल लगवाना हो सकता है थोड़ा महंगा

अगर आप बिजली के भारी-भरकम बिल से तंग आकर जून के महीने में अपने घर या दफ्तर की छत पर सोलर सिस्टम लगवाने की सोच रहे हैं, तो यह नियम जान लीजिए। सरकार ने क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) सेक्टर में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ALMM (Approved List of Models and Manufacturers) नियम को अनिवार्य कर दिया है।

अब अगर आप सरकारी सहायता, सब्सिडी या नेट मीटरिंग का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपको केवल इसी अप्रूव्ड लिस्ट में शामिल सोलर मॉड्यूल्स का ही इस्तेमाल करना होगा। सरकार का यह कदम देश के भीतर सोलर पैनल बनाने वाली कंपनियों के लिए तो बहुत अच्छा है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कड़े नियम की वजह से शॉर्ट-टर्म में सोलर सिस्टम लगवाने की कुल लागत थोड़ी बढ़ सकती है।

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