Fixed Deposit Investment Rules: पहली बार FD करने वाले हो जाएं सावधान, टैक्स के इन नियमों का जरूर रखें ध्यान

Fixed Deposit Investment Rules: बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करने पर किसी भी तरह का कोई जोखिम नहीं रहता है। फिक्स्ड रिटर्न मिलता है। ऐसे में FD में निवेश करना बेहतर विकल्प माना जाता है। अगर आप FD में निवेश कर रहे हैं तो टैक्स के नियमों को जरूर जान लें, वरना बाद में दिक्कत हो सकती है।

Jitendra Singh
अपडेटेड7 Dec 2025, 04:49 PM IST
Fixed Deposit Investment Rules: बेहतर रणनीति के साथ FD में निवेश करें।
Fixed Deposit Investment Rules: बेहतर रणनीति के साथ FD में निवेश करें।(Livemint)

Fixed Deposit Investment Rules: निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से सुरक्षित और गारंटी वाला ऑप्शन माना जाता है। फिक्स्ड डिपॉजिट लोग ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें कम समय के लिए अच्छा ब्याज और जरूरत पड़ने पर पैसे निकालने की सुविधा दोनों मिलती हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना भी बेहतर विकल्प माना गया है। इसमें सबसे बड़ा फायदा है कि इसमें आपको सुरक्षा और फिक्स्ड रिटर्न दोनों ही मिलता है। किसी भी तरह का कोई जोखिम नहीं रहता है। अगर आप FD में निवेश कर रहे हैं तो टैक्स के नियमों को जरूर ध्यान में रखें। एक छोटी सी गलती आपको भारी पड़ सकती है। आपको इनकम टैक्स का नोटिस मिल सकता है।

हर बैंक में FD से जुड़े नियम थोड़े अलग होते हैं, लेकिन ज्यादातर बैंकों में न्यूनतम जमा राशि 1000 से 10000 रुपये के बीच होती है। FD की अवधि 7 दिन से लेकर 10 साल तक तय की जा सकती है। अगर आप FD को मैच्योरिटी से पहले तोड़ते हैं तो बैंक आम तौर पर पेनल्टी या कम ब्याज दर लागू करते हैं। ब्याज दरें बैंक और डिपॉजिट अवधि पर निर्भर करती हैं। सीनियर सिटीजन को आम तौर पर बाकी ग्राहकों से ज्यादा ब्याज दिया जाता है, इसलिए रिटायर्ड लोगों के लिए FD बेहतर विकल्प माना गया है।

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ब्याज पर लगता है टैक्स

FD से मिलने वाला ब्याज आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है। अगर ब्याज आय साल में 40000 रुपये (सीनियर सिटिजन के लिए 50000 रुपये) से ज्यादा है, तो बैंक TDS काटता है। हालांकि, अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं तो टैक्स सेविंग FD एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें निवेश करने पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।

एफडी में Form 15G/15H

अगर किसी एफडी निवेशक की इनकम टैक्स स्लैब से कम है, तो उनके लिए जरूरी है कि वह ब्याज कटने से पहले ही बैंक जाकर Form 15G/15H जमा करे। इन फॉर्म को भरने से TDS नहीं कटता है। यहां पर Form 15G 60 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए होता है। वहीं Form 15H वरिष्ठ नागरिकों के लिए यानी 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए होता है।

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PAN लिंक न होने पर बढ़ जाता है TDS

अगर FD खाते में PAN अपडेट नहीं है, तो बैंक TDS की दर बढ़ाकर 10% से 20% कर देता है। आयकर अधिनियम की धारा 194A के तहत लागू होता है। इसलिए FD करवाने से पहले बैंक में PAN अपडेट जरूर कर दें।

ITR में एफडी से हुई इनकम दिखाना जरूरी

ITR भरते समय जरूरी है कि आप एफडी के जरिए हुए कमाई इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जरूर बताएं। कई लोग सोचते हैं कि TDS कट गया है तो अब ब्याज दिखाने की जरूरत नहीं लेकिन ये गलत है। ऐसे में ITR में हमेशा एफडी ब्याज की कमाई को छुपाए नहीं।

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