Fixed Income Investment: शेयर बाजार ने किया निराश तो फिक्स्ड इनकम का निवेश है ना, ऐसे उठाएं फायदा

Best fixed income investment options in 2026: इक्विटी मार्केट की अस्थिरता के बीच निवेशक अब फिक्स्ड इनकम की ओर मुड़ रहे हैं। बेहतर रिटर्न और कम जोखिम के कारण डेट म्यूचुअल फंड और सरकारी बॉन्ड अब निवेश के लिए पहली पसंद बन रहे हैं।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड6 Jan 2026, 02:46 PM IST
 शेयर बाजार ने निराश किया तो फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स का लीजिए सहारा
शेयर बाजार ने निराश किया तो फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स का लीजिए सहारा

Fixed Income Tools: शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने वाले निवेशकों के लिए फिक्स्ड इनकम निवेश एक बार फिर चर्चा में है। यह उन लोगों के लिए एक आसान रास्ता बन गया है जो बाजार की अनिश्चितता पसंद नहीं करते। बॉन्ड मार्केट में बढ़ती यील्ड और निवेश के कई नए विकल्पों ने इसे काफी आकर्षक बना दिया है। आजकल के दौर में जब इक्विटी का वैल्युएशन काफी बढ़ गया है, तब डेट फंड्स जोखिम और मुनाफे का एक बेहतर तालमेल पेश कर रहे हैं।

एफडी के मुकाबले डेट फंड्स बेहतर

ग्रिप इन्वेस्ट के संस्थापक और ग्रुप सीईओ निखिल अग्रवाल का मानना है कि डेट म्यूचुअल फंड अब एफडी का एक मजबूत विकल्प बन गए हैं। रेपो रेट में कटौती होने के बाद बैंकों ने एफडी की ब्याज दरों को कम कर दिया है। इसके विपरीत, कई डेट योजनाएं और भारतीय बॉन्ड लगातार अच्छा रिटर्न दे रहे हैं। इसी वजह से निवेशक अब परंपरागत एफडी के बजाय डेट फंड्स पर ज्यादा भरोसा दिखा रहे हैं।

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बॉन्ड मार्केट की चमक बढ़ी

पिछले कुछ सालों में बॉन्ड बाजार का काफी विस्तार हुआ है। पिछले 10 साल के दौरान बॉन्ड ने औसतन 7% से 8% का सालाना रिटर्न दिया है। खास बात यह है कि इसमें इक्विटी के मुकाबले रिस्क बहुत कम रहता है। आंकड़ों के अनुसार, बॉन्ड के जरिए पैसा जुटाने का चलन भी बढ़ा है। वित्त वर्ष 2015-16 में यह 5 लाख करोड़ रुपये से कम था, जो वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 13.37 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

विदेशी निवेशकों (FPI) का बढ़ा भरोसा

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के डेटा से पता चलता है कि विदेशी निवेशकों ने इक्विटी के मुकाबले भारतीय डेट मार्केट में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है। वित्त वर्ष 2024 में विदेशी निवेशकों ने डेट में 1.2 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025 में 1.36 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया। साल 2025 के नवंबर महीने तक विदेशी निवेशक इक्विटी से पैसा निकाल रहे थे, लेकिन उन्होंने डेट मार्केट में पैसा लगाना जारी रखा।

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ब्याज दरों में गिरावट का फायदा

जब बाजार में ब्याज दरें गिरती हैं, तो बॉन्ड की कीमतें बढ़ जाती हैं। इसका सीधा फायदा उन निवेशकों को मिलता है जिन्होंने लंबी अवधि के डेट फंड्स में निवेश किया है। निखिल अग्रवाल के अनुसार, ब्याज दरों में गिरावट के समय लॉन्ग टर्म डेट फंड्स ज्यादा मुनाफा देते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पुराने बॉन्ड की यील्ड ज्यादा होती है, जिससे उनकी वैल्यू मार्केट में बढ़ जाती है।

आम लोगों के लिए निवेश हुआ आसान

अब आम निवेशकों के लिए सरकारी बॉन्ड में निवेश करना बहुत सरल हो गया है। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और एक्सचेंज की मदद से अब कोई भी घर बैठे निवेश कर सकता है। अग्रवाल बताते हैं कि सरकारी बॉन्ड में निवेश की शुरुआत मात्र 100 रुपये से की जा सकती है। इतनी कम रकम से शुरुआत होने के कारण अब हर छोटा निवेशक अपनी बचत को सुरक्षित और मुनाफे वाले बॉन्ड में लगा सकता है।

Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। इसमें बताए गए विचार और सुझाव एक्सपर्ट के हैं, मिंट हिंदी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि निवेश संबंधी कोई फैसला लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लें, क्योंकि बाजार की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और हालात अलग-अलग हो सकते हैं।

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