Flexi-cap funds vs ELSS: आ गए टैक्स सेविंग और बंपर रिटर्न देने वाले फंड, ऐसे करें निवेश

फ्लेक्सी-कैप फंड और ईएलएसएस दोनों इक्विटी म्यूचुअल फंड हैं, लेकिन फ्लेक्सी-कैप में टैक्स छूट नहीं मिलती। ईएलएसएस में 3 साल का लॉक-इन होता है, जबकि फ्लेक्सी-कैप में कोई न्यूनतम अवधि नहीं। निवेशक को अपने वित्तीय लक्ष्य के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड4 Nov 2025, 02:18 PM IST
Flexi-cap funds vs ELSS: आ गए टैक्स सेविंग और बंपर रिटर्न देने वाले फंड, ऐसे करें निवेश
Flexi-cap funds vs ELSS: आ गए टैक्स सेविंग और बंपर रिटर्न देने वाले फंड, ऐसे करें निवेश

निवेश की दुनिया में जब भी टैक्स बचत और अच्छे रिटर्न की बात आती है, तो दो विकल्प अक्सर चर्चा में रहते हैं और वो हैं फ्लेक्सी-कैप फंड (Flexi-Cap Fund) और ईएलएसएस (Equity Linked Savings Scheme)।

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दोनों ही इक्विटी म्यूचुअल फंड के प्रकार हैं, लेकिन इनका उद्देश्य और निवेश का तरीका थोड़ा अलग है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इन दोनों फंड्स में क्या फर्क है और आपके लिए कौन सा सही रहेगा।

फ्लेक्सी-कैप फंड क्या है?

फ्लेक्सी-कैप फंड ऐसे म्यूचुअल फंड होते हैं जो कंपनी के आकार (Market Capitalization) के हिसाब से निवेश में लचीलापन रखते हैं। यानी फंड मैनेजर बड़े (Large Cap), मंझोले (Mid Cap) और छोटे (Small Cap) कंपनियों में किसी भी अनुपात में निवेश कर सकता है।

यह फंड बाजार की स्थिति के अनुसार निवेश का संतुलन बदलते रहते हैं, जिससे रिस्क और रिटर्न का बेहतर संयोजन मिल सके।

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फ्लेक्सी-कैप फंड का मकसद होता है लंबी अवधि में पूंजी को बढ़ाना। अगर किसी निवेशक का लक्ष्य दीर्घकालिक रिटर्न है और वह थोड़े बहुत उतार-चढ़ाव को झेल सकता है, तो फ्लेक्सी-कैप फंड एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

ईएलएसएस (ELSS) क्या है?

ईएलएसएस यानी Equity Linked Savings Scheme एक ऐसा इक्विटी म्यूचुअल फंड है जो आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स बचत का लाभ देता है। इसमें निवेश करने पर निवेशक हर साल 1.5 लाख तक की राशि पर टैक्स छूट प्राप्त कर सकता है।

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ईएलएसएस फंड की सबसे खास बात यह है कि इसमें 3 साल का लॉक-इन पीरियड होता है, यानी आप निवेश की गई राशि को 3 साल से पहले नहीं निकाल सकते। यह लॉक-इन अवधि निवेशक को लंबी अवधि के लिए निवेश बनाए रखने में मदद करती है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है और रिटर्न बेहतर मिलने की संभावना रहती है।

Flexi-Cap vs ELSS: दोनों के बीच जान लीजिये अंतर

फ्लेक्सी-कैप फंड और ईएलएसएस दोनों ही इक्विटी-आधारित हैं, लेकिन फ्लेक्सी-कैप फंड में टैक्स छूट नहीं मिलती, जबकि ईएलएसएस में टैक्स बचत का फायदा होता है। फ्लेक्सी-कैप फंड में निवेश की कोई न्यूनतम अवधि नहीं होती, आप कभी भी पैसा निकाल सकते हैं।

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वहीं, ईएलएसएस में 3 साल का लॉक-इन होता है। रिटर्न की बात करें तो दोनों में समान प्रकार का बाजार जोखिम होता है, लेकिन फ्लेक्सी-कैप फंड में फंड मैनेजर को पोर्टफोलियो में बदलाव की ज्यादा स्वतंत्रता होती है।

किसके लिए कौन बेहतर है?

अगर आप टैक्स बचत के साथ इक्विटी में निवेश करना चाहते हैं, तो ईएलएसएस आपके लिए बेहतर है। यह न केवल टैक्स में राहत देता है बल्कि लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न की संभावना भी रखता है। वहीं, अगर आपका लक्ष्य लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन है और आप टैक्स छूट की परवाह किए बिना मार्केट के अवसरों का लाभ उठाना चाहते हैं, तो फ्लेक्सी-कैप फंड बेहतर विकल्प है।

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दोनों फंड्स के अपने फायदे हैं। ईएलएसएस टैक्स बचत के लिए बेहतरीन है, जबकि फ्लेक्सी-कैप फंड आपको निवेश में लचीलापन और विविधता देता है। समझदारी यही होगी कि आप अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम झेलने की क्षमता और टैक्स योजना को ध्यान में रखकर निर्णय लें। अगर आप टैक्स सेविंग और ग्रोथ दोनों चाहते हैं, तो दोनों में निवेश का संतुलन बनाना भी एक समझदार कदम हो सकता है।

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