Flight Ticket Refund Rules: हवाई यात्रा आजकल आम लोगों की जिंदगी का भी हिस्सा बन चुकी है। कोई नौकरी के लिए सफर करता है, कोई परिवार से मिलने जाता है, तो कोई छुट्टियां मनाने निकल पड़ता है। लेकिन असली परेशानी तब शुरू होती है, जब टिकट कैंसिल करनी पड़े, फ्लाइट छूट जाए या एयरलाइन रिफंड देने में देरी करे।
कई यात्रियों की शिकायत रही है कि पैसा पूरा वापस नहीं मिलता, टैक्स और फीस काट ली जाती है या रिफंड प्रक्रिया जरूरत से ज्यादा लंबी खिंच जाती है। अब ऐसे ही झंझटों पर लगाम लगाने के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयरलाइन टिकट नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो 26 मार्च 2026 से लागू होंगे।
रिफंड की शिकायतों के कारण लाए गए नए नियम
DGCA ने 24 फरवरी 2026 को नए नियम जारी करते हुए कहा कि एयर टिकट रिफंड यात्रियों की बड़ी शिकायत बन चुके थे। शिकायतें खासतौर पर रिफंड में देरी, अधूरा पैसा लौटाने और नकद वापसी की जगह वाउचर देने जैसी प्रक्रियाओं को लेकर थीं। इसी वजह से DGCA ने दखल देते हुए यात्रियों के हित में कुछ साफ और सख्त प्रावधान लागू किए हैं।
टैक्स और फीस की वापसी पर साफ नियम
अब नए नियमों में राहत यह है कि टिकट रद्द होने, उपयोग न होने या नो-शो की स्थिति में एयरलाइंस को सभी statutory taxes और UDF, ADF, PSF जैसे यात्री सेवा शुल्क वापस करने होंगे। यह नियम प्रोमोशनल या स्पेशल फेयर पर भी लागू होगा, भले ही मूल किराया नॉन-रिफंडेबल क्यों न हो। यानी अब ऐसा नहीं चलेगा कि बेस फेयर नॉन-रिफंडेबल है, इसलिए सब कुछ कट जाएगा। टैक्स और सरकारी शुल्क यात्रियों को लौटाने ही होंगे।
अब तय समय में मिलेगा रिफंड
नए नियमों में रिफंड की समय-सीमा भी तय कर दी गई है। अगर भुगतान क्रेडिट कार्ड से हुआ है, तो एयरलाइन को 7 कार्यदिवस के भीतर रिफंड प्रोसेस करना होगा। अगर टिकट ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल से खरीदा गया है, तब भी रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की ही रहेगी और इसे 14 कार्यदिवस के भीतर पूरा करना होगा। नकद भुगतान वाले मामलों में उसी एयरलाइन ऑफिस पर तुरंत रिफंड देना होगा, जहां से टिकट खरीदा गया था।
हवाई यात्रियों के लिए यह बदलाव छोटे नहीं हैं। रोजमर्रा की यात्रा में कई बार योजनाएं बदल जाती हैं, टिकट गलती से बुक हो जाती है या किसी मजबूरी में सफर टालना पड़ता है। ऐसे में नए नियम यात्रियों को यह भरोसा देते हैं कि टिकट कैंसिल होने की स्थिति में रिफंड, टैक्स वापसी और प्रक्रिया की समय-सीमा अब पहले से ज्यादा साफ और सुरक्षित होगी।