Flight ticket refund rules: फ्लाइट टिकट कैंसिल होने के बाद सबसे बड़ी परेशानी तब होती है, जब यात्री को साफ-साफ यह भी नहीं बताया जाता कि उसे कितना पैसा वापस मिलेगा और कब मिलेगा। कई बार एयरलाइंस भारी-भरकम कैंसिलेशन चार्ज काट लेती हैं, तो कभी अपनी मर्जी से 'क्रेडिट शेल' (अगली यात्रा के लिए वाउचर) थमा देती हैं। इसी तरह की शिकायतों पर सख्ती दिखाते हुए DGCA ने टिकट रिफंड और कैंसिलेशन नियमों में बड़े बदलाव किए हैं।
क्रेडिट शेल लेना है या नहीं, होगा यात्रियों का फैसला
नए नियम का सबसे अहम हिस्सा यही है कि रिफंड की रकम को क्रेडिट शेल में रखना अब पूरी तरह यात्री की मर्जी पर निर्भर होगा। यानी एयरलाइन अपनी तरफ से यह तय नहीं कर सकेगी कि पैसे की जगह आपको भविष्य की यात्रा के लिए वाउचर दे दिया जाए। अगर यात्री पैसा वापस चाहता है, तो उसे रिफंड मिलना चाहिए। अगर वह खुद चाहे, तभी क्रेडिट शेल ले सकता है। आसान भाषा में कहें तो अब 'पैसा नहीं, बाद में टिकट में एडजस्ट कर लीजिए' वाली डिफॉल्ट प्रक्रिया नहीं चलेगी। यह फैसला अब यात्री का अधिकार माना जाएगा।
एयरलाइंस को बतानी होगी पूरी रिफंड डिटेल
DGCA ने एक और बड़ा बदलाव यह किया है कि एयरलाइंस को अब यह साफ-साफ बताना होगा कि टिकट रद्द होने पर कितनी रकम वापस मिलेगी और उसका पूरा हिसाब क्या है। यह जानकारी टिकट पर या किसी अलग फॉर्म में देनी होगी। साथ ही इसे एयरलाइन की वेबसाइट पर भी दिखाना जरूरी होगा।
इसका फायदा यह होगा कि यात्री को पहले से अंदाजा रहेगा कि कैंसिलेशन के बाद उसके हाथ में कितनी रकम आएगी। अभी तक कई बार यही सबसे बड़ा झगड़ा बन जाता था कि यात्री को पता ही नहीं होता था कि कितना पैसा कटा और क्यों कटा। अब इस प्रक्रिया को ज्यादा खुला और साफ बनाने की कोशिश की गई है।
रिफंड में देरी पर भी सख्ती
नए नियम सिर्फ क्रेडिट शेल तक सीमित नहीं हैं। DGCA ने रिफंड की समयसीमा भी तय कर दी है। अगर टिकट का भुगतान क्रेडिट कार्ड से हुआ है, तो एयरलाइन को 7 कार्यदिवस के भीतर रिफंड देना होगा। अगर टिकट ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल से खरीदा गया है, तब भी रिफंड पूरा करवाने की जिम्मेदारी एयरलाइन की ही रहेगी और यह काम 14 कार्यदिवस के भीतर करना होगा। नकद भुगतान वाले मामलों में एयरलाइन के उस दफ्तर में तुरंत रिफंड देना होगा, जहां से टिकट खरीदा गया था।
26 मार्च 2026 से लागू होने वाले ये नियम हवाई सफर को और अधिक पैसेंजर फ्रेंडली बनाएंगे। अब यात्रियों के पास रिफंड के रूप में पैसे या वाउचर चुनने का विकल्प होगा, जिससे एयरलाइंस की मनमानी पर लगाम लगेगी।