Personal Loan: फ्रीलांसर्स की संख्या भारत में तेजी से बढ़ती जा रही है। इनकी कमाई कोई फिक्स नहीं होती है, लेकिन अच्छी कमाई हो जाती है। कभी-कभी फ्रीलांसिंग काम करने वालों को लोन हासिल करने में दिक्कत होती है। लेकिन अब ऐसा नहीं रह गया है। दरअसल, बैंकों के द्वारा आज भी फ्रीलांसर को हाई रिस्की माना जाता है। जिसके पीछे के कारण सैलरी स्लिप नहीं होना, अनियमित इनकम आदि होते हैं।
यदि आप भी फ्रीलांसर है और भविष्य में लोन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो पहले से ही कुछ तैयारी कर लें ताकि आपका लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट ना हो पाए। इसके लिए आपको कुछ बातों पर ध्यान देना होगा।
1 . इनकम प्रूफ
फ्रीलांसिंग काम करने वालों को बैंकों के सामने यह साबित करना होता है कि आप हर महीने कम से कम ₹25000 या उससे अधिक की कमाई कर रहे हैं। इसके लिए आप अपने इनवॉइस स्टेटमेंट दिखा सकते हैं। बैंक स्टेटमेंट दिखा सकते हैं। या फिर क्लाइंट कॉन्ट्रैक्ट भी दिखा सकते हैं।
2 . क्रेडिट स्कोर
लोन देते समय सबसे पहले बैंक क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं। लिहाजा अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर रखें। कोशिश करें कि क्रेडिट स्कोर 700 से ज्यादा ही हो। जिनका क्रेडिट स्कोर ज्यादा बेहतर होता है बैंक उन्हें आसानी से लोन दे देते हैं।
3 . इनकम टैक्स रिटर्न फाइल
अगर आप लोन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना चाहिए। लोन लेते समय बैंकों को कम से कम पिछले 2 साल का आईटीआर देना पड़ता है।
लोन अप्रूवल बढ़ाने के टिप्स
1. ITR समय पर फाइल करें- कम से कम दो साल का ITR आपके लिए जरूरी है।
2. क्रेडिट स्कोर सुधारें- समय पर EMI चुकाकर स्कोर 750+ रखें।
3. इनकम दिखाएं- नियमित इनकम स्टेटमेंट्स से भरोसा बनता है।
4. कम EMI चुनें- अपनी आय के अनुपात में कर्ज लें।