Ghost Tapping Scam: टूरिस्ट जगहों पर नया खतरा, बिना पिन-OTP के अकाउंट हो रहा खाली, जानें क्या है ये स्कैम

Ghost Tapping Scam Alert: डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ घोस्ट टैपिंग स्कैम जैसे नए खतरे सामने आ रहे हैं। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का गलत फायदा उठाया जा सकता है। इसलिए ट्रैवल के दौरान सतर्क रहना और सही सुरक्षा अपनाना जरूरी है।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड10 Jan 2026, 11:49 AM IST
घोस्ट टैपिंग स्कैम क्या है?
घोस्ट टैपिंग स्कैम क्या है?

Ghost Tapping Scam Alert: आजकल ट्रैवल करते समय लोग कैश रखने से ज्यादा डिजिटल पेमेंट पर भरोसा करते हैं। यूपीआई पेमेंट के अलावा अब कार्ड या मोबाइल टैप का भी इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। बस टैप किया और पेमेंट हो गया। लेकिन यही सहूलियत अब साइबर ठगों के लिए नया मौका बनती जा रही है। खासकर टूरिस्ट जगहों पर एक नया डिजिटल फ्रॉड- घोस्ट टैपिंग सकाम नाम का डिजिटल फ्रॉड लोगों को चुपचाप नुकसान पहुंचा रहा है।

क्या है Ghost Tapping Scam?

घोस्ट टैपिंग स्कैम एक ऐसा डिजिटल धोखा है, जिसमें आपके कार्ड या मोबाइल को छुए बिना ही खाते से पैसे कट जाते हैं। इसमें न पिन डालना पड़ता है, न ओटीपी आता है। अगर आपके कार्ड या फोन में टैप-टू-पे फीचर चालू है, तो स्कैमर अपने डिवाइस से आपके अकाउंट से पैसे काट सकता है। स्कैमर नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करके बेहद पास से ट्रांजैक्शन ट्रिगर कर देता है, और यूजर को भनक तक नहीं लगती।

कैसे होती है ठगी?

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन, डिजिटल वॉलेट और कॉन्टैक्टलेस कार्ड्स में NFC फीचर होता है। स्कैमर इसी तकनीक का फायदा उठाते हैं। वे अपने पास पोर्टेबल NFC रीडर या बदला हुआ मोबाइल रखते हैं। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर वे या तो नकली दुकानदार बनकर टैप-टू-पे करवाते हैं, या फिर आपके बिल्कुल पास खड़े होकर ट्रांजैक्शन एक्टिव कर देते हैं। कुछ सेकंड की नजदीकी ही काफी होती है और खाते से पैसे कट जाते हैं।

विदेशों में बढ़ रहे हैं मामले

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह स्कैम अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, इटली, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे टूरिस्ट देशों में ज्यादा देखा जा रहा है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स और ट्रांजिट हब्स पर भी इसके मामले सामने आए हैं। जहां भीड़ ज्यादा होती है, वहां स्कैमर्स घोस्ट टैपिंग स्कैम को अंजाम देने में देरी नहीं करते हैं।

फिर भी ज्यादा क्यों सुरक्षित है टैप-टू-पे?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टैप-टू-पे तकनीक अब भी काफी हद तक सुरक्षित है, क्योंकि ट्रांजैक्शन एन्क्रिप्टेड होती है और डेटा चोरी करना आसान नहीं होता। लेकिन भीड़-भाड़ और अनजान जगहों पर इसका गलत इस्तेमाल संभव है। इसलिए तकनीक से डरने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है।

खुद को सुरक्षित कैसे रखें

अगर ट्रैवल पर हैं, तो कार्ड और फोन को हमेशा सुरक्षित रखें। जरूरत न हो तो NFC फीचर बंद रखें, ट्रांजैक्शन अलर्ट ऑन रखें और संदिग्ध चार्ज दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। छोटी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

डिजिटल पेमेंट ने जिंदगी आसान बनाई है, लेकिन आंख बंद करके भरोसा करना अब सही नहीं। सफर के दौरान थोड़ी सतर्कता और सही आदतें आपको ऐसे नए डिजिटल फ्रॉड से सुरक्षित रख सकती हैं।

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