
Gold ETF vs Gold ETF FoF: पहले लोग सिर्फ फिजिकल गोल्ड खरीदते थे, लेकिन अब समय बदल चुका है। निवेशकों के पास स्मार्ट और आसान ऑप्शन मौजूद हैं, जिनमें Gold ETF और Gold ETF FoF (Fund of Funds) सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं। ये दोनों ही सोने में निवेश करने के तरीके हैं, लेकिन इनके काम करने के तरीके में सात मुख्य अंतर हैं। इन दोनों में फर्क को समझकर ही निवेश का निर्णय लें। आइए जानते हैं ये अंतर क्या हैं और आपके लिए बेहतर विकल्प कौन सा है।
Gold ETF एक ऐसा निवेश विकल्प है जो सीधे फिजिकल गोल्ड में पैसा लगाता है। मतलब, जब आप Gold ETF खरीदते हैं तो आपका पैसा सोने में लग जाता है, ठीक वैसे ही जैसे रियल सोना खरीदा हो। लेकिन इसमें एक जरूरी शर्त है, Gold ETF खरीदने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना चाहिए, क्योंकि ये स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर की तरह ट्रेड होता है।
Gold ETF FoF थोड़ा अलग तरह से काम करता है। यह सोने में सीधे निवेश नहीं करता, बल्कि Gold ETF की यूनिट्स खरीदता है। इसमें डीमैट अकाउंट की कोई जरूरत नहीं होती। आप जैसे म्यूचुअल फंड खरीदते हैं, वैसे ही Gold ETF FoF भी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के जरिए खरीदा जाता है।
अगर आपको तुरंत खरीद-बिक्री करनी है तो Gold ETF बेहतर है।
अगर आपके पास डीमैट अकाउंट है और आप लाइव मार्केट में ट्रेड करना पसंद करते हैं, तो Gold ETF आपके लिए सही है। अगर आप बिना डीमैट के, SIP के जरिए या छोटी रकम से शुरुआत करना चाहते हैं, तो Gold ETF FoF बेहतर है।
दोनों ऑप्शन सोने में निवेश के स्मार्ट तरीके हैं, लेकिन जरूरतों और सुविधा के अनुसार आप तय करें कि कौन सा ऑप्शन आपके लिए ज्यादा फिट बैठता है। लंबे समय के लिए प्लान कर रहे हैं तो FoF भी अच्छा विकल्प है, और अगर फ्लेक्सिबिलिटी चाहिए तो ETF बेस्ट रहेगा।
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