Gold ETF या Gold ETF FoF… कंफ्यूज हैं? आसान भाषा में समझें आपके लिए कौन सा है बेहतर

Gold ETF और Gold ETF FoF दोनों गोल्ड में निवेश के विकल्प हैं। ETF सीधे सोने में निवेश करता है और डीमैट अकाउंट जरूरी है, जबकि FoF ETF की यूनिट्स में निवेश करता है और 100 से शुरू हो सकता है। जानिए दोनों में क्या है बड़े अंतर और किस्में निवेश करना ज्यादा बेहतर है।

Priya Shandilya
अपडेटेड11 Dec 2025, 11:10 AM IST
Gold ETF और Gold ETF FoF में क्या है अंतर
Gold ETF और Gold ETF FoF में क्या है अंतर

Gold ETF vs Gold ETF FoF: पहले लोग सिर्फ फिजिकल गोल्ड खरीदते थे, लेकिन अब समय बदल चुका है। निवेशकों के पास स्मार्ट और आसान ऑप्शन मौजूद हैं, जिनमें Gold ETF और Gold ETF FoF (Fund of Funds) सबसे ज्यादा पॉपुलर हैं। ये दोनों ही सोने में निवेश करने के तरीके हैं, लेकिन इनके काम करने के तरीके में सात मुख्य अंतर हैं। इन दोनों में फर्क को समझकर ही निवेश का निर्णय लें। आइए जानते हैं ये अंतर क्या हैं और आपके लिए बेहतर विकल्प कौन सा है।

Gold ETF कैसे काम करता है?

Gold ETF एक ऐसा निवेश विकल्प है जो सीधे फिजिकल गोल्ड में पैसा लगाता है। मतलब, जब आप Gold ETF खरीदते हैं तो आपका पैसा सोने में लग जाता है, ठीक वैसे ही जैसे रियल सोना खरीदा हो। लेकिन इसमें एक जरूरी शर्त है, Gold ETF खरीदने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना चाहिए, क्योंकि ये स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर की तरह ट्रेड होता है।

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Gold ETF या Gold ETF FoF, निवेश के लिए कौन सा है बेहतर?

Gold ETF FoF क्या है और कैसे अलग है?

Gold ETF FoF थोड़ा अलग तरह से काम करता है। यह सोने में सीधे निवेश नहीं करता, बल्कि Gold ETF की यूनिट्स खरीदता है। इसमें डीमैट अकाउंट की कोई जरूरत नहीं होती। आप जैसे म्यूचुअल फंड खरीदते हैं, वैसे ही Gold ETF FoF भी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के जरिए खरीदा जाता है।

न्यूनतम निवेश का फर्क

  • Gold ETF: कम से कम 1 ग्राम सोने के बराबर निवेश
  • Gold ETF FoF: सिर्फ 100 से शुरुआत। छोटे निवेशकों के लिए FoF ज्यादा आसान और किफायती विकल्प है।

लिक्विडिटी में क्या अंतर है?

  • Gold ETF: स्टॉक मार्केट में ट्रेड होता है, इसलिए इसकी कीमत रियल-टाइम में मिलती है।मतलब आप इसे तुरंत खरीद या बेच सकते हैं और इसकी कीमत हर पल बदलती रहती है।
  • Gold ETF FoF: NAV-बेस्ड होता है, यानी दिन में एक बार तय की गई कीमत पर खरीद-बिक्री होती है। यानी आप उसी दिन की तय कीमत पर खरीद-बिक्री कर सकते हैं।

अगर आपको तुरंत खरीद-बिक्री करनी है तो Gold ETF बेहतर है।

चार्जेज किसमें ज्यादा हैं?

  • Gold ETF: इसमें डीमैट अकाउंट और ब्रोकरेज का खर्चा आता है, लेकिन बाकी खर्चे (जिन्हें एक्सपेंस रेशियो कहते हैं) कम होते हैं।
  • Gold ETF FoF: इसमें डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं होती, लेकिन खर्चे थोड़े ज्यादा होते हैं क्योंकि ये दूसरे ETF में पैसा लगाता है। साथ ही, अगर आप जल्दी पैसा निकालना चाहें तो एग्जिट लोड यानी पेनल्टी भी लग सकती है।

आपके लिए कौन सा ऑप्शन बेस्ट है?

अगर आपके पास डीमैट अकाउंट है और आप लाइव मार्केट में ट्रेड करना पसंद करते हैं, तो Gold ETF आपके लिए सही है। अगर आप बिना डीमैट के, SIP के जरिए या छोटी रकम से शुरुआत करना चाहते हैं, तो Gold ETF FoF बेहतर है।

दोनों ऑप्शन सोने में निवेश के स्मार्ट तरीके हैं, लेकिन जरूरतों और सुविधा के अनुसार आप तय करें कि कौन सा ऑप्शन आपके लिए ज्यादा फिट बैठता है। लंबे समय के लिए प्लान कर रहे हैं तो FoF भी अच्छा विकल्प है, और अगर फ्लेक्सिबिलिटी चाहिए तो ETF बेस्ट रहेगा।

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