Gold Investment Tips: ग्लोबल लेवल पर अनिश्चितता के बीच एक बार फिर सोना चर्चा में बना हुआ है। दरअसल, जब ग्लोबल इकोनॉमी डगमगाती है, तो लोग सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ भागते हैं। लेकिन, मौजूदा समय में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सोने को इस लेवल पर खरीदना चाहिए या नहीं? सोने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सरकार या कॉर्पोरेट संस्था पर निर्भर नहीं रहता है। इसके अलावा, महंगाई के खिलाफ यह सुरक्षित माना जाता है। जब डॉलर या पाउंड जैसी करेंसीज की क्रय शक्ति घटती है, तब सोना आपकी एसेट वैल्यू को बचाए रखने में मददगार साबित होता है। यह इक्विटी और डेट से अलग व्यवहार करता है, जिससे आपके पोर्टफोलियो में एक बैलेंस बना रहता है।
पोर्टफोलियो में कितनी होनी चाहिए सोने की हिस्सेदारी?
सेबी रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और मेरी माइंड के को-फाउंडर अरिजीत सेन ने कहा, "सोने को केवल एक हेज के तौर पर देखा जाना चाहिए। एक आइडियल पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी 5 से 10 प्रतिशत के बीच होनी चाहिए। उनका मानना है कि आज के बाजार में सोने को धीरे-धीरे जोड़ना तो समझदारी है, लेकिन अनुशासन सबसे जरूरी है। जरूरत से ज्यादा सोने में निवेश लंबे समय में वेल्थ बनाने की क्षमता को कम कर सकता है। इसके पीछे की वजह है कि यह अन्य इंस्ट्रूमेंट के मुकाबले हमेशा ज्यादा रिटर्न नहीं देता है।
सोने में निवेश का क्या है सबसे अच्छा विकल्प?
बता दें कि एक समय सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) को सोने में निवेश का सबसे बेहतरीन तरीका माना जाता था। इसमें सरकार की गारंटी के साथ-साथ 2.5 प्रतिशत सालाना ब्याज और मैच्योरिटी पर टैक्स फ्री कैपिटल गेन मिलता था। लेकिन अब नई SGB सीरीज जारी होना बंद हो गई है, जिससे नए निवेशकों के लिए यह रास्ता लगभग बंद है। ऐसे में अब निवेश कैसे करें? अरिजीत सेन ने कहा कि मौजूदा कीमतों को देखते हुए सोना में एकमुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए। इसकी जगह गोल्ड ईटीएफ (ETFs) के जरिए किस्तों में या छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
क्या सोने में निवेश करने का सही मौका है?
गौरतलब है कि मौजूदा समय में सोने की कीमत ऊंची बनी हुई हैं। इसकी मुख्य वजह सेंट्रल बैंकों की तरफ से गोल्ड रिजर्व बढ़ाना और ग्लोबल लेवल पर बढ़ता जोखिम है। अगर आपके पोर्टफोलियो में सोने की कमी है, तो मौजूदा स्तर पर थोड़ा निवेश करना सही रहेगा। हालांकि, मार्केट की चाल को देखते हुए स्ट्रैगर्ड एंट्री करने की स्ट्रैटजी अपनाना सबसे बेहतर होगा। यह स्ट्रैटजी आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाएगी और लॉन्ग टर्म में बेहतर औसत लागत देगी।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।