Gold Price Fall: घरेलू सर्राफा बाजार में गुरुवार को थोड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज जून की कॉन्ट्रैक्ट डिलीवरी वाला सोना आधा फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 154679 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्पॉट मार्केट में डिमांड की कमी और ग्लोबल लेवल पर बदलती परिस्थितियों ने कीमतों पर दबाव बनाया है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली करना बेहतर समझ रहे हैं। हालांकि, आज डॉलर की कमजोरी के बाद मामूली बढ़त देखी जा रही है।
क्यों सोने की कीमत में आ रही गिरावट?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत का सिलसिला दोबारा शुरू हो सकता है। पिछले हफ्ते की वार्ता बेनतीजा खत्म होने के बाद पाकिस्तान में अगले दो दिनों के भीतर फिर से दोनों देश बातचीत कर सकते हैं। इस खबर ने बाजार में जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ा दिया है, जिससे निवेशकों का ध्यान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से हटकर इक्विटी और अन्य एसेट्स की ओर चला गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसका असर दिख रहा है।
युद्ध के दौरान सोने में लगभग 10% की गिरावट
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, फरवरी के आखिर में मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ने के बावजूद सोने की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर लगातार गिरावट देखी गई है। 2 मार्च को अपने हालिया पीक पर पहुंचने के बाद से अब तक स्पॉट गोल्ड की कीमतों में लगभग 10 फीसदी से ज्यादा का करेक्शन आ चुका है। दरअसल, युद्ध के बावजूद भी मौजूदा मैक्रो फंडामेंटल्स' जियो-पॉलिटिकल पर भारी पड़ रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट की सलाह?
ITI ग्रोथ अपॉर्चुनिटीज फंड के CEO मोहित गुलाटी ने कहा, "सोने की कीमतों में आई यह गिरावट कोई कमजोरी नहीं, बल्कि एक जरूरी करेक्शन है। उन्होंने आगे कहा कि खबरें सिर्फ हेडलाइन बनाती हैं, लेकिन असल कीमत बाजार के फंडामेंटल्स से ही तय होती हैं। दुनिया की हर बड़ी करेंसी, चाहे वह ब्रिटिश पाउंड हो या रोमन डेनेरियस समय के साथ कमजोर हुई है, लेकिन सोने ने सदियों से अपनी कीमत और साख बनाए रखी है। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सोना आज भी एक मजबूत विकल्प बना हुआ है।"
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल जानकारी के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें, व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।