Gold rate today 1st March 2026: इस समय मिडिल ईस्ट के हालात कुछ ऐसे ही हो गए हैं। अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर किए गए हमलों और वहां के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबरों ने पूरी दुनिया के बाजार में खलबली मचा दी है। ऐसे अनिश्चित समय में निवेशक सबसे सुरक्षित ठिकाना 'सोने' को मानते हैं, और यही वजह है कि आज सोने की कीमतों ने जोरदार उछाल दर्ज किया गया है।
मिडिल ईस्ट की जंग ने सुलगाई सोने की कीमतें
गुड रिटर्न्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आज 1 मार्च रविवार सुबह (10:50 बजे), सोने की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम में प्रति ग्राम 328 रुपये की भारी बढ़त देखी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत अब 1.73 लाख रुपये के पार निकल गई है। हालांकि, सोने के मुकाबले चांदी की चाल आज थोड़ी शांत रही और यह 2.95 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास टिकी हुई है।
प्रमुख शहरों में क्या है सोने का भाव?
भारत के अलग-अलग शहरों में टैक्स और लोकल डिमांड की वजह से कीमतों में थोड़ा अंतर होता है। दिल्ली में सोना सबसे महंगा बिक रहा है, जबकि चेन्नई में 18 कैरेट के दाम थोड़े अलग हैं।
MCX पर सोने का रेट
पिछले हफ्ते स्पॉट गोल्ड 1% चढ़कर करीब $5,220 पर बंद हुआ, जो दो महीने के उच्च स्तर के पास है। एमसीएक्स गोल्ड लगभग ₹1,61,971 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि एमसीएक्स सिल्वर ₹2,74,389 प्रति किलो के स्तर पर था। हालांकि शुक्रवार को दोनों में हल्की गिरावट देखी गई।
क्या ₹2 लाख तक जाएगा सोना? एक्सपर्ट्स की राय
VT Markets के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल के मुताबिक, अमेरिका-ईरान तनाव सोने में “रिस्क प्रीमियम” जोड़ सकता है। ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और मध्य पूर्व की अनिश्चितता निवेशकों को हेजिंग एसेट्स यानी सुरक्षित विकल्पों की ओर ले जाती है।
हालांकि उनका मानना है कि ऐसे हालात अक्सर शॉर्ट टर्म वोलैटिलिटी लाते हैं, जब तक कि स्थिति लंबे समय तक गंभीर न बनी रहे।
INVasset PMS के रिसर्च एनालिस्ट याहा चौहान का कहना है कि अगर हालात बेहद बिगड़ते हैं और कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, साथ ही रुपया कमजोर होता है, तो एमसीएक्स गोल्ड ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम और सिल्वर ₹3 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकता है। लेकिन इसके लिए लंबे समय तक तनाव और मजबूत ग्लोबल लिक्विडिटी जरूरी होगी।
फरवरी का प्रदर्शन कैसा रहा?
फरवरी के अंत में सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर के करीब बंद हुए। महीने की शुरुआत में गिरावट आई थी, लेकिन बाद में खरीदारों की वापसी से कीमतों में दमदार रिकवरी हुई। चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन उसने भी मजबूत वापसी की।