Silver Imports Restricted Till March 2026: पिछले कुछ दिनों से चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बीच सरकार ने इसके इंपोर्ट को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने आसियान देशों, विशेष रूप से थाईलैंड से चांदी के इंपोर्ट में भारी बढ़ोतरी के कारण इसे अगले कुछ महीनों पर प्रतिबंधित कर दिया है। यह बैन बिना फैंसी वाले ज्वैलरी पर लगाया गया है। यानी, ऐसे गहने जिनमें कोई चमकीले पत्थर, मोती या नग जैसे हीरा, पन्ना आदि न लगे हों। ये गहने सिंपल डिजाइन, जो डेली यूज में लिए जाते हों।
31 मार्च 2026 तक बैन
बीते कल यानी 24 सितंबर को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड ने एक नॉटिफिकेशन जारी कहा कि इंपोर्ट पॉलिसी को तत्काल प्रभाव से 31 मार्च 2026 तक फ्री से बैन कर दिया गया है। सरकार के इस कदम के पीछे का मकसद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकना और तैयार ज्वैलरी की आड़ में चांदी के बड़े पैमाने पर इंपोर्ट को रोकना है।
लाइसेंस लेना अनिवार्य
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, बैन कैटेगरी के अंतर्गत आने वाले सामानों के लिए सरकार से लाइसेंस लेना जरूरी है। अप्रैल-जून 2024-25 से अप्रैल-जून 2025-26 के दौरान अधिमान्य शुल्क छूट के तहत सादे चांदी के गहनों के आयात में तेजी से वृद्धि को देखते हुए प्रतिबंध लगाए गए हैं।
बैन लगाने के पीछे की ये है वजह
समाचार एजेंसी PTI को एक अधिकारी ने बताया FTA के नियमों को गलत इस्तेमाल करके इंपोर्ट से डोमैस्टिक मैन्युफैक्चरर पर निगेटिव प्रभाव पड़ रहा था। इसके अलावा, ज्वैलरी सेक्टर में रोजगार के लिए चुनौती पैदा हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार के इस फैसले से ज्वैलरी मैन्युफैक्चरर्स को बराबर मौके मिलेंगे। स्मॉल और मिड लेवल के ट्रेडर्स के हितों की रक्षा होगी। साथ ही इस सेक्टर में काम करने वाले वर्कर्स के आजीविका के मौके सुरक्षित होंगे।