केंद्र सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी की लगातार खिलाफत की है। इसी खिलाफत के चलते सरकार ने कुछ साल पहले क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर ना सिर्फ 30 फीसदी का टैक्स लगाया, बल्कि हर एक ट्रांजेक्शन पर 1 फीसदी का टीडीएस भी लगाया। अब उसी किप्टोकरेंसी से टैक्स के रूप में सरकार ने दो साल में अरबों रुपयों की कमाई कर डाली है। खास बात तो ये है कि इस बात की जानकारी संसद में दी गई है। केंद्र सरकार ने 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे वर्चुअल डिजिटल एसेट ट्रांज़ैक्शन पर सोर्स पर टैक्स डिडक्टेड (TDS) के तौर पर 511.83 करोड़ रुपये वसूले हैं। राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज पचौरी ने इस बात की जानकारी दी है।
दरअसल, राज्यसभा में पुल्ला महेश कुमार और मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा सवाल पूछा था। उसी सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज पचौरी ने इस बात की जानकारी दी थी। बता दें कि सरकार ने साल 2022 से क्रिप्टो पर टैक्स लगाना शुरू किया था। नियम के मुताबिक, VDA से हुए मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स और 10,000 रुपये से अधिक की ट्रांजैक्शन पर 1 फीसदी TDS काटा जाता है।
किस साल कितनी हुई कमाई?
अपने जवाब में, चौधरी ने पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में क्रिप्टो ट्रांज़ैक्शन के लिए काटे गए टैक्स का एक चार्ट भी पेश किया। वित्त वर्ष 2022-23 में TDS से 221.27 करोड़ रुपये मिले। इसी तरह वित्त वर्ष 2023-24 में 363 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में 512 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा हुए।
महाराष्ट्र और कर्नाटक का सबसे बड़ा योगदान
महाराष्ट्र और कर्नाटक से सबसे ज्यादा TDS की वसूली हुई। वित्त वर्ष 2024-25 में जो 512 करोड़ रुपये का TDS मिला, उसमें सिर्फ महाराष्ट्र से ही 293 करोड़ रुपये आए। इसी तरह से कर्नाटक से 133 करोड़ रुपये बतौर TDS वसूला गया।
सरकार ने नहीं दी यह लिस्ट
राज्यसभा में सरकार से उन क्रिप्टो एक्सचेंज की डिटेल भी मांगी गई थी जो टैक्स पेमेंट के मामले में नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और पिछले 3 साल में अपने ट्रांजैक्शन पर TDS डिडक्शन भी लागू नहीं कर रहे हैं। इस मामले में वित्त राज्य मंत्री पंकज पचौरी ने एक्सचेंज लिस्ट नहीं दी है। लेकिन इतना जरूर कहा कि इनमें से कुछ वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर (VASP) सरकार के TDS नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।