Gold Jewellery Import Rules: सरकार ने सोने, प्लैटिनम और चांदी के गहनों के आयात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। इस कदम का मकसद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (ree trade agreements - FTAs) के दुरुपयोग को रोकना है। डॉयरेक्ट्रेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (Directorate General of Foreign Trade - DGFT) ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि ये प्रतिबंध किसी भी पुराने सौदे, पक्के एलसी, एडवांस पेमेंट, शिपमेंट की स्थिति या किसी अन्य वादे के बावजूद लागू होंगे।
मनीकंट्रोल में छपी खबर के मुताबिक, नोटिफिकेशन में यह भी साफ किया गया है कि बीच का कोई ट्रांजिशन पीरियड नहीं मिलेगा। DGFT ने कहा कि CTH 7113 के तहत आने वाले सामान की आयात नीति को तुरंत फ्री से बदलकर प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस कैटेगरी में सोने, चांदी और प्लैटिनम के गहने आते हैं। अब इन चीजों को आयात करने के लिए DGFT से अनुमति या लाइसेंस लेना जरूरी होगा।
क्या अब आयात पूरी तरह से बंद है?
अब सोना, चांदी एवं प्लेटिनम से बने आभूषणों का आयात करने के लिए डीजीएफटी से लाइसेंस या पूर्व-अनुमति लेना अनिवार्य होगा। वहीं 100 प्रतिशत निर्यात वाले इकाईयों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) में स्थित इकाइयों की तरफ से किए जाने वाले आभूषण आयात पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इसके अलावा, रत्न एवं आभूषण निर्यात से जुड़ी योजनाओं के तहत होने वाले आयात को भी छूट दी गई है।
सरकार ने आयात पर क्यों लगाई रोक?
बता दें कि भारत का 10 दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के समूह आसियान (ASEAN) के साथ 2010 से सामान के व्यापार के लिए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है। पिछले साल नवंबर में सरकार ने कुछ तरह के प्लैटिनम गहनों के आयात पर अप्रैल तक रोक लगाई थी। सितंबर 2025 में चांदी के गहनों पर भी इसी तरह की रोक लगाई गई थी, जो इस साल मार्च तक लागू रही। एक अधिकारी के मुताबिक, कुछ व्यापारी टैक्स में अंतर का फायदा उठाकर और ड्यूटी बचाकर FTA के जरिए जल्दी मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहे थे। इस कदम का मकसद थाईलैंड जैसे देशों से बिना पत्थर वाले गहनों के नाम पर कीमती धातुओं के आयात को रोकना है।