आपके सैलून के बिल अब हल्के होने वाले हैं। जीएसटी काउंसिल ने ब्यूटी और फिटनेस से जुड़ी सेवाओं जैसे सैलून, नाई, फिटनेस सेंटर, योग और हेल्थ क्लब पर लगने वाला टैक्स 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि, इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) नहीं मिलेगा।
यानि अब जब भी आप हेयरकट, फेशियल, मसाज या फिटनेस सेशन बुक करेंगे, तो चार्ज पहले से कम लगेगा। यह बदलाव जीएसटी दरों को आसान बनाने और आम सेवाओं को सस्ता करने के लिए किया गया है। सैलून सेवाओं के साथ-साथ सरकार ने कई पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स पर भी जीएसटी घटाया है। अब टॉयलेट सोप बार पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, जिससे मध्यम और निम्न आय वाले परिवारों का मासिक खर्च कम होगा।
फेस पाउडर और शैंपू पर भी अब सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। हालांकि, इससे महंगे ब्रांड्स को भी फायदा मिल सकता है। सरकार की ओर से जारी किए गए FAQs में कहा गया है कि यह कदम ब्रांड्स को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि टैक्स सिस्टम को आसान बनाने के लिए उठाया गया है। डेंटल हाइजीन प्रोडक्ट्स जैसे टूथपेस्ट, टूथब्रश और डेंटल फ्लॉस पर भी अब सिर्फ 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा, लेकिन माउथवॉश इस सूची में शामिल नहीं है।
ब्यूटी और ग्रूमिंग बिजनेस के लिए यह राहत ग्राहकों को सैलून और वेलनेस सेवाओं की ओर और आकर्षित करेगी। सरकार ने जीएसटी ढांचे को भी सरल करने का फैसला किया है। अब 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत की चार स्लैब्स को घटाकर केवल दो दरों 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत में बदला जाएगा।
वहीं कुछ चुनिंदा वस्तुओं जैसे लग्ज़री कारें, तंबाकू और सिगरेट पर 40 प्रतिशत का विशेष टैक्स लगेगा। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी। हालांकि, पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, जर्दा, बिना पत्ते वाला तंबाकू और बीड़ी पर यह बदलाव लागू नहीं होगा।