
HDFC Securities New Feature: सोने में निवेश करने वालों के लिए एचडीएफसी सिक्योरिटीज एक खास मौका लेकर आई है। कंपनी ने अपने निवेश प्लेटफॉर्म 'एचडीएफसी स्काई' पर एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ के लिए मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा (MTF) शुरू कर दी है। इस नई सर्विस के जरिए निवेशक अपनी जेब से कम पैसा लगाकर सोने में ज्यादा निवेश कर सकेंगे। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए गोल्ड में निवेश को और भी किफायती और सुलभ बनाने की एक बड़ी पहल है।
एचडीएफसी स्काई के इस नए फीचर के जरिए पात्र निवेशक गोल्ड ईटीएफ में अपनी निवेश राशि का 70% तक हिस्सा एमटीएफ से फाइनेंस करवा सकते हैं। इसका मतलब है कि अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको कुल रकम का केवल एक हिस्सा ही देना होगा, बाकी की फंडिंग कंपनी करेगी। हालांकि, यह सुविधा बाजार की स्थितियों और जोखिमों पर निर्भर करेगी।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को फंड की गई राशि पर 1% प्रति माह का ब्याज देना होगा। निवेशक एचडीएफसी स्काई के मोबाइल ऐप या वेब प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से गोल्ड ईटीएफ की यूनिट्स खरीद सकते हैं। कंपनी ने इसमें रिस्क कंट्रोल के भी कड़े इंतजाम किए हैं ताकि निवेशक अपनी पोजीशन को समझदारी से मैनेज कर सकें।
गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको सोना संभालकर रखने या उसकी सुरक्षा की चिंता नहीं करनी पड़ती। यह डीमैट-आधारित निवेश है, जो कम लागत में फिजिकल गोल्ड जैसा ही रिटर्न देने की कोशिश करता है। इसके साथ ही, यह बाजार के उतार-चढ़ाव और करेंसी के जोखिम से भी पोर्टफोलियो को बचाने में मदद करता है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने केवल अपने ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े फंड हाउस के गोल्ड ईटीएफ को भी एमटीएफ के दायरे में रखा है। इसमें एसबीआई, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, टाटा, कोटक, एक्सिस, और जेरोधा जैसे करीब 10 बड़े ब्रांड्स शामिल हैं। इन पर आमतौर पर 60% से 70% तक की फंडिंग मिल सकती है, जिससे निवेशकों को निवेश के ढेर सारे विकल्प मिलते हैं।
एचडीएफसी स्काई का डिजाइन रिटेल निवेशकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसके जरिए निवेशक अपनी एमटीएफ पोजीशन को कभी भी देख सकते हैं, उसमें टॉप अप या स्क्वायर ऑफ कर सकते हैं यानी पैसा जोड़ सकते हैं या जब चाहें अपनी पोजीशन से बाहर निकल सकते हैं। यह पूरा प्रोसेस डिजिटल और पारदर्शी रखा गया है।
मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा का उपयोग करने से पहले निवेशकों को अपनी जोखिम सहने की क्षमता को परखना चाहिए। चूंकि लिवरेज (उधार लेकर निवेश) से फायदा और नुकसान दोनों बढ़ सकते हैं, इसलिए एमटीएफ की शर्तों और ब्याज की लागत को समझना जरूरी है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे निवेश से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से जरूर पढ़ें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। मिंट हिंदी आपके किसी भी निर्णय और उसके परिणाम के लिए तनिक भी उत्तरदायी नहीं है।
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