Health Insurance: आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस लेना बहुत जरूरी होता है। कब कौन बीमार हो जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। ऐसे में हेल्थ इंश्योरेंस लेना बेहद जरूरी है। बढ़ते इलाज खर्च ने हेल्थ इंश्योरेंस की मांग बढ़ाई है। इसके चलते हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालांकि, कभी-कभी हेल्थ इंश्योरेंस का पूरा फायदा नहीं मिल पाता है। वहीं अगर आपके साथ कोई चाकू या गोली की घटना होती है तो क्या आपको इस इलाज के लिए मेडिकल बीमा का फायदा मिलेगा या आपको यह सब जेब से खर्च करना पड़ेगा। आइये जानते हैं आखिर इस बारे में क्या नियम हैं।
दरअसल, चाकू या गोली लगने पर मेडिकल कवर मिल सकता है, लेकिन यह कुछ शर्तों और सिचुएशन पर निर्भर करता है। ज्यादातर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में एक्सीडेंट से जुड़ी चोटों का कवर शामिल रहता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर चाकू या गोली लगना किसी दुर्घटना या बाहरी हिंसात्मक घटना की वजह से हुआ है, तो इसे कवर किया जा सकता है।
वहीं अगर चाकू या गोली लगने की घटना से किसी आपराधिक गतिविधि के दौरान हुई है और इसमें पुलिस आपके खिलाफ मुकदमा करती है तो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी इसे कवर करने से इनकार कर सकती है।
हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी में इन बातों का रखें ध्यान
हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कवर का फायदा तभी मिलता है, जब अस्पताल में भर्ती होना पड़े। आमतौर पर आउटपेशेंट खर्च जैसे मामूली घाव का इलाज पॉलिसी से कवर नहीं होता है। अगर यह घटना किसी गंभीर चोट में बदल जाती है, तो क्रिटिकल इलनेस कवर या ऐड ऑन भी मददगार हो सकता है। इस तरह के क्लेम के लिए पुलिस रिपोर्ट (एफआईआर) या दूसरे कानूनी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। लिहाजा कोई कानूनी दस्तावेज हो, उसे संभालकर जरूर रखें। जब भी आप कोई हेल्थ इंश्योरेंस लें उसके नियम और शर्तों को ध्यान पूर्वक पढ़ लें।
हेल्थ इंश्योरेंस में जीएसटी खत्म
हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance)और लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance )पर लगने वाला पूरा 18% GST खत्म कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेना पहले से सस्ता हो गया है। पहले जब कोई भी व्यक्ति इंश्योरेंस पॉलिसी लेता था तो प्रीमियम पर 18% GST जुड़ जाता था। उदाहरण के लिए, अगर आपका सालाना प्रीमियम 20,000 रुपये था तो आपको 23,600 रुपये चुकाने पड़ते थे। अब यह घटकर सीधा 20,000 रुपये ही रह जाएगा। यानी प्रीमियम पर टैक्स का बोझ पूरी तरह खत्म हो गया है।