Best Health Insurance Policy: हेल्थ इंश्योरेंस आज सिर्फ एक अतिरिक्त खर्च नहीं, बल्कि परिवार की वित्तीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुका है। अस्पताल का एक बड़ा बिल वर्षों की बचत पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में पॉलिसी खरीदते समय सिर्फ यह देखना कि सालाना प्रीमियम कितना है, पर्याप्त नहीं है। कई बार सस्ती पॉलिसी लेते समय कवरेज कम रह जाता है या ऐसी शर्तें सामने आती हैं जिनका पता जरूरत पड़ने पर चलता है। इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले पांच जरूरी बातों की जांच करना बेहद अहम है।
मेडिकल इंश्योरेंस जरूरी है
मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी लेने वालों को अचानक आने वाले और अक्सर बहुत ज़्यादा हेल्थकेयर खर्चों से बचाव होता है। सही कवरेज होने पर, अस्पताल में भर्ती होने का खर्च आर्थिक बोझ नहीं बनता, जिससे बिल की चिंता किए बिना अच्छे अस्पतालों में इलाज आासनी से करा सकते हैं। इसके अलावा, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी टैक्स बचाने का फायद भी मिलता है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80D के तहत इसमें छूट मिलती है। बाजार में मौजूद विकल्पों पर विचार करने से पहले इन फायदों को सबसे पहले समझना जरूरी है।
कवरेज की रकम का आकलन जरूर करें
हालांकि कई खरीदार प्रीमियम बचाने के लिए सबसे सस्ता प्लान चुनते हैं, लेकिन बजट पॉलिसी में अक्सर 'सम इंश्योर्ड' (बीमा की रकम) की सीमा कम होती है और फायदे भी सीमित होते हैं। ऐसे में पॉलिसी खरीदते समय उसमें इतना कवरेज होना चाहिए जो आपकी असल जरूरतों के हिसाब से हो।
मेडिकल हिस्ट्री
इसमें पहले से मौजूद या बार-बार होने वाली बीमारियों का ध्यान रखा जाता है।
आश्रितों की संख्या
इससे परिवार के लिए जरूरी कुल बीमा राशि (सम इंश्योर्ड) तय होती है।
अस्पताल की पसंद
इसमें इलाज की पसंदीदा सुविधाओं के ग्रेड और खर्च के ढांचे पर विचार किया जाता है।
पॉलिसी का चयन करते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान
हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को जिंदगी के अलग-अलग पड़ावों के हिसाब से कई कैटेगरी में बांटा गया है।
1. इंडिविजुअल पॉलिसी
यह पॉलिसी उन लोगों के लिए बहुत अच्छी हैं जो खास तौर पर अपने लिए पर्सनल कवरेज चाहते हैं।
2. फैमिली हेल्थ प्लान
पूरे परिवार के लिए एक ही पॉलिसी के तहत पूरा कवरेज मिल जाता है।
3. सीनियर सिटिजन प्लान
खास तौर पर बुजुर्गों की हेल्थकेयर ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है।
4. हॉस्पिटल नेटवर्क की जांच करें
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी का हॉस्पिटल नेटवर्क सीधे तौर पर यह तय करता है कि मेडिकल इमरजेंसी के समय पॉलिसी कितनी सुविधाजनक होगी और रोजमर्रा की जिदंगी में पॉलिसी कितनी काम की होगी।
5. कैशलेस क्लेम
कैशलेस हॉस्पिटलाइजेशन की सुविधा सिर्फ़ नेटवर्क अस्पतालों में ही मिलती है। अगर आप नॉन-नेटवर्क सुविधा चुनते हैं, तो आपको पहले मेडिकल बिल का भुगतान करना होगा और बाद में रीइम्बर्समेंट के लिए क्लेम करना होगा।