Health Insurance Porting: बीमा कंपनी बदली, लेकिन क्लेम रिजेक्ट हो गया? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती

Health Insurance Porting: हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट करना आसान लगता है, लेकिन अगर आपने बीमारियों की जानकारी छुपाई या वेटिंग पीरियड की गिनती नहीं समझी, तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। सही डॉक्युमेंट्स, साफ जानकारी और कंपनी की शर्तें समझकर ही पॉलिसी बदलें।

Priya Shandilya
अपडेटेड30 Oct 2025, 11:24 AM IST
हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट किया है? जानिए क्या नई बीमा कंपनी क्लेम रिजेक्ट कर सकती है
हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट किया है? जानिए क्या नई बीमा कंपनी क्लेम रिजेक्ट कर सकती है(istock)

Health Insurance Porting: कई लोग हेल्थ इंश्योरेंस तो ले लेते हैं, लेकिन कुछ सालों बाद लगता है कि प्रीमियम ज्यादा है, सर्विस ढीली है या कवरेज कम है। ऐसे में पोर्टिंग यानी बीमा कंपनी बदलना एक अच्छा ऑप्शन लगता है। लेकिन सिर्फ कंपनी बदलने से काम नहीं चलता, क्लेम पास होगा या नहीं, ये कई बातों पर निर्भर करता है।

क्लेम रिजेक्ट क्यों हो सकता है? जानिए वो वजहें जो अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं

  • बीमारी छुपाना या अधूरी जानकारी देना: अगर आपने पहले की बीमारी का सही जिक्र नहीं किया, तो क्लेम अटक सकता है।
  • इलाज पहले से शुरू होना: पॉलिसी पोर्ट होने से पहले शुरू हुआ इलाज नई कंपनी कवर नहीं करती।
  • नई पॉलिसी में बीमारी कवर न होना: हर कंपनी की शर्तें अलग होती हैं, जो पुराने में था, वो नई में जरूरी नहीं कि हो।
  • नई कंपनी की जांच अलग होती है: वो आपकी हेल्थ प्रोफाइल को नए सिरे से देखती है और उसी हिसाब से क्लेम तय करती है।
  • डॉक्युमेंटेशन में गड़बड़ी: अधूरी रिपोर्ट, गलत तारीखें या मिसमैच की वजह से भी क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

वेटिंग पीरियड का झोल

हर हेल्थ पॉलिसी में कुछ बीमारियों पर वेटिंग पीरियड होता है, मतलब उस बीमारी पर कुछ साल तक क्लेम नहीं मिलेगा। अगर आपने दो साल पुरानी पॉलिसी को पोर्ट किया और उस बीमारी पर तीन साल का वेटिंग पीरियड था, तो नई कंपनी बाकी एक साल फिर से जोड़ सकती है। इसलिए पहले ही पूछ लें कि कौन-कौन से वेटिंग पीरियड ट्रांसफर हो रहे हैं।

क्लेम रिजेक्ट न हो, इसके लिए क्या करें?

पोर्टिंग के वक्त पूरी और सही जानकारी दें

पुरानी पॉलिसी और मेडिकल रिकॉर्ड संभालकर रखें

नई कंपनी से पूछें कि कौन-कौन से वेटिंग पीरियड ट्रांसफर हुए हैं

अगर कोई इलाज चल रहा है या सर्जरी प्लान है, तो पहले कवर कन्फर्म करें

अच्छी डॉक्युमेंटेशन और क्लियर कम्युनिकेशन से बाद की परेशानी से बचा जा सकता है।

फिर भी क्यों फायदेमंद है पोर्टिंग?

अगर आप बेहतर कवरेज, कम प्रीमियम या अच्छी सर्विस चाहते हैं, तो पोर्टिंग एक स्मार्ट मूव हो सकता है। बस शर्त ये है कि आप नियमों को समझकर और सही जानकारी के साथ कदम उठाएं। हेल्थ इंश्योरेंस पोर्ट करना आज के समय में एक जरूरी सुविधा है, लेकिन इसका सही फायदा तभी मिलेगा जब आप हर पहलू को समझकर आगे बढ़ें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।

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