Health Insurance Renewal: आज के समय में मेडिकल खर्च इतने बढ़ गए हैं कि बिना हेल्थ इंश्योरेंस के किसी भी इमरजेंसी से निपटना मुश्किल हो जाता है। यह न सिर्फ आपके लिए बल्कि आपके परिवार के लिए भी एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। फिर भी कई लोग अपनी हेल्थ पॉलिसी को समय पर रिन्यू नहीं करते, जबकि उन्होंने कभी कोई क्लेम भी नहीं किया होता।
लोग क्यों नहीं करते रिन्यूअल
कई पॉलिसीहोल्डर्स का कहना है कि हर बार प्रीमियम में बढ़ोतरी, ऑफिस से मिलने वाली कवरेज और EMI जैसी सुविधा न मिलने की वजह से वे पॉलिसी रिन्यू नहीं करते। लेकिन ध्यान रहे, ऐसा करने से भविष्य में दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
पॉलिसी खत्म होने के बाद क्या होता है
जब आपकी हेल्थ पॉलिसी की अवधि खत्म होती है तो कवरेज वहीं रुक जाता है। आमतौर पर प्रीमियम एकमुश्त (लंप‑सम) भरना होता है, जो 1 से 3 साल की अवधि के लिए होता है। जैसे ही यह टर्म पूरा होता है, आपको पॉलिसी को दोबारा रिन्यू करना पड़ता है। रिन्यू करते समय प्रीमियम में कम से कम 10% तक की बढ़ोतरी हो जाती है।
अगर आप समय पर रिन्यू नहीं करते तो कंपनी आपको लगभग 30 दिन का ग्रेस पीरियड देती है। इस दौरान अगर आप पेमेंट कर देते हैं तो पॉलिसी चालू रहती है, लेकिन अगर ग्रेस पीरियड निकल गया तो पॉलिसी बंद हो जाएगी और उसके बाद किए गए किसी भी क्लेम को रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
ध्यान रहे, अगर आपने पॉलिसी की अवधि में कोई क्लेम नहीं किया है तो भी प्रीमियम वापस नहीं मिलता। यानी पैसा रिफंड नहीं होता, चाहे आपने फायदा उठाया हो या नहीं। रिफंड सिर्फ तभी मिलता है जब आप फ्री-लुक पीरियड (15 से 30 दिन) में पॉलिसी रद्द करते हैं।
कब बंद होती है कंपनी की पॉलिसी
कई बार इंश्योरेंस कंपनी खुद किसी प्लान को बंद कर देती है। केयर हेल्थ इंश्योरेंस के COO मनीष दोडेजा के मुताबिक, “यह कदम ग्राहकों के लिए बेहतर कवरेज और बदलती हेल्थ जरूरतों के अनुरूप नई सुविधाएं देने के लिए उठाया जाता है, न कि किसी रिस्क बेस्ड फैसले के तहत।”
मनीष दोडेजा का कहना है, “लगातार कवरेज बनाए रखने के लिए जरूरी है कि समय-समय पर पॉलिसी की तुलना करें, उसके फायदे और कमियों को समझें और जरूरत पड़े तो उसे बेहतर पॉलिसी में माइग्रेट करें।”
रिन्यू करें या नया प्लान लें?
जब पॉलिसी खत्म होती है, कंपनी की ओर से कॉल, मैसेज या ईमेल के जरिए रिन्यूअल की जानकारी दी जाती है। आप वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पेमेंट के जरिए पॉलिसी रिन्यू कर सकते हैं, जो लगभग 24 घंटे के अंदर अपडेट हो जाती है।
रिन्यू करने पर कई कंपनियां 'नो क्लेम बोनस' (NCB) देती हैं जिससे आपका कवरेज अमाउंट बढ़ जाता है। अगर आप किसी दूसरी कंपनी में जाना चाहते हैं, तो पॉलिसी पोर्टिंग का ऑप्शन भी होता है। इसमें आपकी पुरानी पॉलिसी के फायदे और कवरेज नए इंश्योरर को ट्रांसफर हो जाते हैं। IRDAI के नियमों के मुताबिक, पोर्टिंग प्रक्रिया पॉलिसी खत्म होने से 45 दिन पहले शुरू करनी होती है।
नया प्लान लेने से पहले ध्यान रखें
अगर आप किसी नए प्लान में माइग्रेट कर रहे हैं तो पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी पहले से मौजूद बीमारी (pre‑existing disease) पर वेटिंग पीरियड माफ होगा या नहीं। आमतौर पर यह 36 महीने की होती है। इसलिए पॉलिसी बदलने से पहले सभी नियम अच्छे से पढ़ लें।