Health Insurance: नौकरी बदलने पर भी कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस नहीं होगा खत्म, सिर्फ करें यह काम

Health Insurance: अगर आप नौकरी बदल रहे हैं और कंपनी की ओर से दिए हेल्थ इंश्योरेंस को बरकार रखना चाहते हैं तो यह बिल्कुल आसान है। इसमें घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आमतौर पर सभी कंपनियां ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी मुहैया कराती हैं। इसे आप पर्सनल प्लान में बदला सकते हैं।

Jitendra Singh( विद इनपुट्स फ्रॉम लाइवमिंट.कॉम)
अपडेटेड13 Aug 2025, 01:00 PM IST
Health Insurance: व्यक्तिगत पॉलिसी रखना बेहतर होता है ताकि बीमा कवर में ब्रेक न आए।
Health Insurance: व्यक्तिगत पॉलिसी रखना बेहतर होता है ताकि बीमा कवर में ब्रेक न आए। (HT)

Health Insurance: आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आमतौर कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस कवर मिलता है। भारत में ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों को ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी मुहैया कराती हैं। यह पॉलिसी अक्सर नौकरी के साथ ही मिलती है और जब तक आप उस कंपनी में काम करते हैं, तब तक ही एक्टिव रहती है। लेकिन जैसे ही आप नौकरी छोड़ते हैं या हटाए जाते हैं, तो यह कवरेज फौरन बंद हो जाता है।

ऐसे में कई बार मन में सवाल आता है कि क्या हम अपनी कंपनी के हेल्थ इंश्योरेंस को नौकरी छोड़ने के बाद भी जारी रख सकते हैं? क्या कोई ऑप्शन है, जिससे हम अपने और अपनी फैमिली के लिए बीमा सुरक्षा बनाए रख सकें? इसके लिए आप कंपनी की ओर से मुहैया कराए गए ग्रुप हेल्थ कवर को रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में बदल सकते हैं।

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इससे आपके बीमा कवर में कोई ब्रेक नहीं आएगा। वहीं, अगर आप ऐसा नहीं करते तो नौकरी के अंतिम दिन ही ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम के फायदे मिलने बंद हो जाते हैं।

ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस को पर्सनल में बदलने का है अधिकार

जब आप अपनी नौकरी से त्याग पत्र दें, तो HR टीम से या बीमाकर्ता से पोर्टबिलिटी या कनवर्जन फॉर्म की मांग करें। आमतौर पर बीमा कंपनियां पॉलिसी में बदलाव करने की अनुमति देती हैं। हालांकि कुछ नियम और शर्तें कुछ अलग हो सकती हैं। वैसे भी इंश्योरेंस रेगुलेटर इरडा (IRDAI) के नियमों के मुताबिक कोई भी कर्मचारी ग्रुप इंश्योरेंस कवर को उसी इंश्योरेंस कंपनी के इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में बदल सकता है। इसे माइग्रेशन कहा जाता है।

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जानिए अपना हेल्थ इंश्योरेंस कैसे रखें बरकरार

दूसरी कंपनी में भी हेल्थ इंश्योरेंस जारी रखने के लिए ग्रुप पॉलिसी को इंडिविजुल पॉलिसी में बदलने की जरूरत होती है। इसके लिए मौजूदा ग्रुप इंश्योरेंस कंपनी को बताना पड़ता है कि आप कंपनी छोड़ने वाले हैं और ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी को इंडिविजुल पॉलिसी में बदलना चाहते हैं। इंश्योरेंस को बदलने के लिए पुरानी कंपनी की सहमति भी जरूरी होती है।

 

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अगर कंपनी से सहमति मिल गई तो कुछ दिनों के भीतर ही इंश्योरेंस पॉलिसी को बदल दिया जाता है। यहां इस बात को ध्यान रखना होगा कि नोटिस पीरियड की आखिरी तारीख के कम से कम 30 दिन पहले ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान को इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में बदलने की अर्जी दे देनी पड़ती है।

पॉलिसी बदलने के फायदे

अगर आप कंपनी की ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से हटकर किसी Individual या Family Floater पॉलिसी में शिफ्ट होते हैं, तो आपने जो Waiting Period पहले पूरी की है, वो खत्म नहीं होती बल्कि ट्रांसफर हो जाती है। IRDAI के दिशानिर्देशों के मुताबिक, बीमा कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होता है कि पॉलिसीहोल्डर को उनके वेटिंग पीरियड क्रेडिट (यानी पहले बिताया गया समय) मिल जाए। अगर नई पॉलिसी की वेटिंग पीरियड ग्रुप पॉलिसी से ज्यादा है, तो बीमा कंपनी को यह पहले से ग्राहक को बताना होता है।

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