
Home Loan: प्रॉपर्टी के बढ़ते दाम की वजह से आजकल घर खरीदना आम आदमी के लिए बेहद कठिन हो गया है। फिर सिर ढकने के लिए आशियाना भी जरूर होना चाहिए। ऐसे में घर का सपना पूरा करने के लिए होम लोन लेना पड़ता है। होम लोन एक लंबी अवधि का लोन होता है, जिसे चुकाने में कई साल लग जाते हैं। इसकी EMI भरते - भरते लोग परेशान हो जाते हैं। ऐसे में होम लोन लेने से पहले कई बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बता दें कि बैंक पांच तरह का होम लोन देते हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके लिए कौन सा होम लोन बेस्ट रहेगा।
इसके नाम से ही पता चलता है कि कोई भी व्यक्ति अगर घर बनाना चाहते हैं तो होम कंस्ट्रक्शन लोन लेना होगा। इसमें प्लॉट की कीमत के साथ - साथ घर बनाने का खर्च भी शामिल हो सकती है। प्लॉट की कीमत तभी शामिल की जाती है जब लोन उसे खरीदने के एक साल के अंदर लिया गया हो। इसमें प्लॉट और कंस्ट्रक्शन दोनों की कॉस्ट कवर होती है।
अगर आप नया फ्लैट या तैयार घर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो इसके लिए होम परचेज लोन लिया जाता है। इसमें बैंक प्रॉपर्टी की वैल्यू का 80 फीसदी तक आसानी से दे देते हैं। कभी-कभी 90 फीसदी तक लोन मिल जाता है। लोन की टेन्योर 20 से 30 साल तक हो सकती है, ताकि EMI कम पड़े।
होम लोन एक्टेंशन का मतलब होता है घर को बड़ा करने के लिए होम लोन लेना। अगर कोई व्यक्ति अपने मौजूदा घर के साइज को बड़ा करना चाहता है तो वह इसके लिए बैंक से लोन ले सकता है। इस लोन को होम एक्सटेंशन लोन कहते हैं।
घर की मरम्मत या रिनोवेशन के लिए होम इम्प्रूवमेंट लोन बेहतर होता है। अगर पुराना घर है, पेंटिंग, फर्श बदलना या नया किचन बनवाना है, तो ये काम आता है। बैंक आसानी से ये लोन देते हैं, क्योंकि प्रॉपर्टी पहले से आपकी है।
यह लोन तब दिया जाता है जब मालिक अपनी मौजूदा प्रॉपर्टी को बेचकर नई प्रॉपर्टी खरीदना चाहता है। यह लोन मौजूदा प्रॉपर्टी को बेचने में लगने वाले समय के कारण होने वाले फंडिंग गैप को भरने में मदद करता है। ब्रिज लोन आमतौर पर एक शॉर्ट-टर्म लोन होता है जो ज़्यादा से ज़्यादा दो साल के लिए दिया जाता है। इस लोन में आपके पास पैसों की कमी नहीं हो पाएगी और आसानी से आप नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं।
अगर आप पति-पत्नी या फैमिली मेंबर के साथ जॉइंट लोन लेते हैं तो दो तरह का होम लोन ले सकते हैं। इसके लिए पार्टनर का क्रेडिट स्कोर अच्छा होना चाहिए। इसके साथ ही इनकम स्ट्रॉन्ग होना जरूरी है। इसमें दोनों लोगों की सैलरी काउंट होती है। इसमें सिबिल स्कोर का बड़ा रोल है। स्कोर 300 से 900 तक होता है, 750 से ऊपर हो तो लोन आसान और कम इंटरेस्ट पर मिलता है। एसबीआई जैसे बैंक शुरुआती रेट ऑफर करते हैं। सिबिल अच्छा रखने के लिए समय पर बिल, EMI चुकाओ।
होम लोन की शुरुआती ब्याज दर पर लोन आपको तभी मिलता है, जब आपका सिबिल स्कोर यानी क्रेडिट स्कोर शानदार हो। सिबिल स्कोर 300 से 900 प्वाइंट्स के बीच कैलकुलेट किया जाता है। जानकारों के मुताबिक, आपका सिबिल स्कोर कम से कम 750 से ऊपर हो तो आपको लोन आसानी से मिल जाता है। बैंक शुरुआती ब्याज दर पर भी लोन ऑफर कर देते हैं। सिबिल को बेहतर बनाने के लिए आपको समय पर वित्तीय ट्रांजैक्शन और पेमेंट करना होता है।
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