Home Loan: बढ़ती महंगाई के बीच घर खरीदने का प्लान बन जाए तो होम लोन जरूरी लगता है। अगर यह प्लान 60 साल की उम्र के बाद बने तो क्या होम लोन मिलेगा? अक्सर लोगों को लगता है कि 60 साल के बाद बैंक होम लोन नहीं देते। यह सच नहीं है। सीनियर सिटीजन भी होम लोन ले सकते हैं, लेकिन नियम थोड़े सख्त हो जाते हैं। जब आप 30 साल के होते हैं, बैंक आपकी भविष्य की आमदनी देखता है। लेकिन 60 साल की उम्र में बैंक यह देखता है कि आपकी मौजूदा आमदनी कितने समय तक बनी रह सकती है।
बैंक लोन देने से पहले आवेदक की लोन चुकाने की क्षमता, आय स्रोत, और उम्र को ध्यान में रखते हैं। अगर आप 60 साल या उससे अधिक उम्र के हैं और होम लोन लेना चाहते हैं, तो किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है? आइए जानते हैं।
किसे मिलता है होम लोन?
फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, होम लोन के लिए अप्लाई करते समय उम्र एक अहम फैक्टर होता है। ज्यादातर बैंक युवा उधारकर्ताओं को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, सीनियर सिटीजन्स भी लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। आमतौर पर, लोन की परिपक्वता के समय अधिकतम आयु 70 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसका मतलब है कि 60 वर्ष का व्यक्ति अधिकतम 10 वर्ष की अवधि के लिए लोन ले सकता है।
बैंक इनकम स्टेबिलिटी का भी आकलन करते हैं। पेंशन इनकम, किराए से कमाई या फिर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से कमाई होने पर पात्रता बढ़ सकती है। अगर सीनियर सिटीजन लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो उन्हें रेगुलर इनकम का प्रमाण देना होगा। कुछ बैंक पर्याप्त बचत या निवेश वाले रिटायर्ड लोगों को लोन दे सकते हैं।
सीनियर सिटीजन के लिए क्रेडिट स्कोर
60 या 65 साल की उम्र में आपका क्रेडिट स्कोर बहुत मायने रखता है। अगर स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बेहतर ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ जाती है। अगर पहले किसी लोन में देरी या डिफॉल्ट हुआ है, तो बैंक लोन देने में हिचक सकता है या ज्यादा ब्याज ले सकता है। ऐसे में आवेदन से पहले अपना क्रेडिट रिपोर्ट जरूर चेक करें। एक अच्छा क्रेडिट स्कोर लोन को आसान और सस्ता बना देता है।
को-अप्लिकेंट से मिल सकती है मदद
कई सीनियर सिटीजन अपने लोन में पति/पत्नी या कम उम्र वाले कमाने वाले बच्चे को जोड़ते हैं। इससे लोन की टेन्योर बढ़ सकती है और EMI कम हो सकती है। लेकिन को-अप्लिकेंट की जिम्मेदारी भी उतनी ही होगी।
आराम और सुरक्षा पर ध्यान दें
बैंक की मंजूरी सिर्फ शुरुआत है। इस उम्र में मन की शांति सबसे जरूरी है। EMI आसानी से चुका पा रहे हैं और बचत और इमरजेंसी खर्चों के लिए पैसे बच रहे हैं, तभी लोन लेना सही होगा।