
Home Loan: हर कोई अपने लिए एक आशियाने की तलाश में रहता है। लेकिन बढ़ती महंगाई और भारी भरकम होम लोन की किस्त से हर किसी का सपना पूरा नहीं हो पाता है। इस बीच अगर आप घर खरीदने की तलाश में हैं तो आपके सामने एक बेहतर मौका सामने आया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से रेपो रेट में कटौती के बाद देश के कई बड़े बैंकों ने ब्याज दरों में कटौती कर दी है। इससे होम लोन सस्ते हो गए हैं। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक जैसे तमाम बैंक शामिल है, जहां होम लोन सस्ता हो गया है। हाल ही में, रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 5.25 फीसदी कर दिया है।
अब EMI कम हो रही है, लोन सस्ता हो रहा है और नए खरीदारों के लिए घर लेना पहले की तुलना में काफी आसान बन रहा है। बैंक अपने ग्राहकों को सस्ता लोन (Cheapest Home Loans) ऑफर कर रहे हैं। अगर आपका 50 लाख का होम लोन 20 साल के लिए चल रहा है, तो ब्याज दर 8.5% से 7.25% होने पर EMI में करीब 3900 रुपये की बचत हो रही है।
रेपो रेट में कटौती के बाद बैंकों की लेंडिंग कॉस्ट कम होती है। RBI ने साफ कहा है कि पब्लिक और प्राइवेट बैंक, दोनों को ये फायदा ग्राहकों तक पहुंचाना चाहिए। इसी वजह से कई बैंक RLLR, RBLR और MCLR जैसी लेंडिंग रेट कम कर रहे हैं।
केनरा बैंक ने अपने रेपो लिंक्ड बेंचमार्क लेंडिंग रेट (RLLR) को 0.25% कम कर दिया है। अब यह दर 8.25% से घटकर 8% हो गया है। यह नई दर 12 दिसंबर 2025 से लागू हो गई है। जिन मौजूदा ग्राहकों के लोन RLLR से जुड़े हैं, उन्हें जल्द ही अपनी ईएमआई में कमी देखने को मिलेगी। लोन की अवधि भी कम हो सकती है, यह उनके लोन एग्रीमेंट की शर्तों पर निर्भर करेगा।
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) को 8.35% से घटाकर 8.10% कर दिया है। नई दरों में 10 बेसिस पॉइंट का बेसिक सर्विस प्राइस (BSP) शामिल है। हालांकि, बैंक के मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (MCLR) और बेस रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई ब्याज दरें 6 दिसंबर, 2025 से लागू हो गई हैं।
देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने अपनी उधारी दरों (लेंडिंग रेट्स) में 0.25 फीसदी तक की कटौती की है। ये नई दरें 15 दिसंबर से लागू हो चुकी हैं। एसबीआई ने MCLR, EBLR और RLLR समेत सभी पैमानों पर ब्याज घटाया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपना बेंचमार्क रिटेल लोन लेंडिंग रेट 8.15% से घटाकर 7.90% कर दिया है। इससे कर्जदारों को उनके लोन के ब्याज भुगतान में थोड़ी राहत मिलेगी। बैंक ऑफ बड़ौदा की यह नई दरें 6 दिसंबर 2025 से लागू हो गई है।
बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपनी रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (RBLR) को 8.35% से घटाकर 8.10% कर दिया है। यह बदलाव 5 दिसंबर 2025 से लागू है। बैंक ऑफ इंडिया की ओर से बीएसई वेबसाइट पर दी गई सूचना के अनुसार, 'यह सूचित किया जाता है कि बैंक की रेपो बेस्ड लेंडिंग रेट (RBLR) को 5 दिसंबर 2025 से तत्काल प्रभाव से 8.10% कर दिया गया है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी ग्राहकों की खुशी बढ़ा दी है। बैंक ने अपने आरएलएलआर में 0.25 फीसदी की कटौती की है, जिसके बाद नई दर 7.10 फीसदी हो गई है। बैंक का दावा है कि उनका होम लोन अब 7.10 फीसदी और कार लोन 7.45 फीसदी से शुरू हो रहा है, जो इंडस्ट्री में सबसे कम दरों में से एक है।
इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने अपनी RLLR को संशोधित कर 8.10% कर दिया है। यह दर 15 दिसंबर 2025 से लागू हो गई है। इसके साथ ही, बैंक की एक साल की MCLR (मार्जिनग कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) अब 8.80% है, जबकि तीन साल की एमसीएलआर 8.85% है। एमसीएलआर वह न्यूनतम ब्याज दर है जिस पर बैंक लोन दे सकता है।
इंडियन बैंक ने रेपो-लिंक्ड बेंचमार्क लेंडिंग रेट (RBLR) को 8.20% से घटाकर 7.95% कर दिया है। इसके अलावा बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में भी 5 बेसिस पॉइंट की कटौती की. नई दरें 6 दिसंबर से लागू है।
EBLR यानी External Benchmark Linked Lending Rate. ये एक ऐसी ब्याज दर प्रणाली है जो सीधे RBI की Repo Rate, ट्रेजरी बिल यील्ड, या किसी अन्य मार्केट रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़ा होता है। EBLR में बैंक अपनी लागत या आंतरिक दरों पर निर्भर नहीं रहते हैं। इसलिए जब RBI रेपो रेट घटाता है, तो EBLR से लिंक्ड लोन की ब्याज दरें भी तुरंत घट जाती हैं। यानी EBLR सिस्टम में ब्याज दरों में बदलाव का असर रियल टाइम में दिखता है।
Repo Linked Lending Rate (RLLR) EBLR का ही एक प्रकार है, जो विशेष रूप से RBI की रेपो रेट से जुड़ा होता है। RLLR रेपो रेट के उतार-चढ़ाव से तुरंत प्रभावित होता है। इससे Borrowers को दर कटने (या बढ़ने) का सीधा और जल्दी असर दिखता है।
मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate - MCLR) वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिस पर बैंक ग्राहकों को लोन देते हैं। यह दर तय करती है कि आपका फ्लोटिंग रेट लोन (जैसे होम लोन या कार लोन) किस ब्याज दर पर चलेगा। अगर बैंक MCLR घटाता है, तो ग्राहकों की EMI भी घटती है या फिर वे अपनी लोन अवधि को कम कर सकते हैं। इसलिए, यह खबर खासकर लोन धारकों के लिए राहत की है।
आपका लोन EBLR, RLLR या MCLR, किससे जुड़ा है, ये पता लगाने के लिए आप अपने लोन की स्टेटमेंट की जांच कर सकते हैं। स्टेटमेंट में, आपके लोन के Interest Rate Type के बारे में जानकारी होगी। इसके अलावा आप अपने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क करके भी इस बात का पता लगा सकते हैं।
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