Home Loan Hacks: घर खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन इसी सपने के साथ छुपे हुए खर्चे और बैंक की चालाकी कई बार लोगों का बजट बिगाड़ देती है। कई लोग सोचते हैं कि बस लोन सैंक्शन हो गया, अब काम खत्म। लेकिन असली कहानी उसके बाद शुरू होती है। प्रोसेसिंग फीस से लेकर इंश्योरेंस तक, ऐसे कई चार्ज अचानक सामने आते हैं। Taxbuddy के फाउंडर सुजीत बांगर ने हाल ही में LinkedIn पर पोस्ट करके बताया कि कैसे होमबायर्स इन एक्स्ट्रा खर्चों से बच सकते हैं और स्मार्ट डिसीजन ले सकते हैं।
कॉस्ट-ब्रेकअप पूछिए
ज्यादातर बैंक शुरू में पूरा कॉस्ट ब्रेकअप नहीं बताते। सैंक्शन लेटर के बाद नए-नए चार्जेज सामने आते हैं, जैसे प्रोसेसिंग फी, वैल्यूएशन फी, लीगल चार्जेज वगैरह। RBI के हिसाब से बैंक को डिटेल्ड कॉस्ट शीट देनी ही होती है। इसलिए साइन करने से पहले साफ-साफ ब्रेकअप मांग लें।
इंश्योरेंस को टैक्स सेविंग मत समझिए
लोन ऑफिसर/ RM कई बार बोलते हैं कि लाइफ इंश्योरेंस लेना अनिवार्य है, जबकि ऐसा नहीं है। सेक्शन 80C का फायदा तो वैसे ही होम लोन से मिल जाता है, ऊपर से अब नए टैक्स रिजीम में इसका खास फायदा नहीं। इसलिए दो-तीन बैंकों में अप्लाई करने से दबाव नहीं आता।
जॉइंट लोन से दोगुना टैक्स बेनिफिट
अगर प्रॉपर्टी और लोन, जॉइंट नाम पर लेते हैं, तो दोनों लोग सेक्शन 80C और सेक्शन 24 का फायदा उठा सकते हैं। यानी मिलकर ₹7 लाख तक का डिडक्शन मिल सकता है।
महिला के नाम खरीदें प्रॉपर्टी
कई राज्यों में महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने से कम स्टाम्प ड्यूटी लगती है। ₹1 करोड़ के घर में लगभग ₹2 लाख तक का फायदा हो सकता है। हां, उत्तराधिकारी के नियम समझकर ही नाम डालें।
RERA पर पहले प्रोजेक्ट चेक करें
RERA पोर्टल पर अप्रूवल, लिटिगेशन, बिल्डर हिस्ट्री सब दिख जाता है। एग्रीमेंट साइन करने से पहले ये जरूर चेक करें।
OC बिना, पजेशन मत लें
ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) के बिना घर में रहना पेनल्टी और इविक्शन जैसी दिक्कत दे सकता है। अगर बिल्डर देरी करे तो RERA में शिकायत करें।
होम लोन पेपरवर्क जितना आसान दिखता है, असल में उतना नहीं होता। थोड़ी जागरूकता से आप लाखों रुपए बचा सकते हैं और टेंशन से भी दूर रहेंगे।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। ऊपर दिए गए विचार और सिफारिशें व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, न कि मिंट के। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से जांच करें।