
Cash Rent Payment: क्या आप भी रेंट पर रहते हैं और मकान मालिक के हाथ में कैश किराया देते हैं, तो जरा ठहर जाइए। दरअसल आपका ये किराया आपके गले की वो हड्डी बन सकता है, जिसे आप ना तो निगल पाएंगे और ना ही उगल पाएंगे। अगर आप कैश में मकान का किराया देते हैं, तो एक बार आयकर विभाग के नियम जरूर पढ़ लीजिए।
अगर आप कैश में किराए का भुगतान करते हैं, तो आपको आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है। नोटिस आने के बाद आपको साबित करना होगा कि आपने किराये का भुगतान कैश में किया है, अगर आप नहीं कर पाए, तो आपके ऊपर जुर्माना भी लग सकता है।
इस मामले में विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं, कि किराए का भुगतान हमेशा चेक या ऑनलाइन करना चाहिए। ऐसा करने से आपके पास पेमेंट का बिल होगा, जिसे आप आयकर विभाग को दे सकते हैं। काफी बार कैश किराया भुगतान करने के बाद आयकर विभाग जब नोटिस भेजता है, तो करदाता के पास किराए का कोई सबूत नहीं होता है। इसलिए हमेशा रेंट का भुगतान ऑनलाइन ही करना चाहिए।
जब आयकर विभाग को आपकी आय और खर्चो में अंतर दिखता है, तो वो नोटिस जारी करता है। अगर आपको भी आयकर विभाग का नोटिस मिल गया है, तो डरने की जरूरत नहीं है। आपको उस नोटिस का जवाब देना होगा। इसके के लिए नोटिस में जो सवाल पूछा गया है, उस पेमेंट का सबूत और कुछ दस्तावेज जमा करवाने होंगे।
इनकम टैक्स के नोटिस से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपनी आय और खर्चों का पूरा रिकॉर्ड पारदर्शी और डिजिटल रूप में रखें। खासकर अगर आप किराया या अन्य बड़े भुगतान कैश में करते हैं, तो उसे चेक, बैंक ट्रांसफर या UPI जैसे माध्यमों से करना बेहतर होगा।
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