How to file complaint with RBI ombudsman: अगर आप भी अपने बैंक की सर्विस से परेशान हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने हाल ही में एक डेटा जारी किया है। आरबीआई के ये आंकड़े बताते हैं कि बैंकों और नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के खिलाफ शिकायतों का अंबार लग गया है। वित्त वर्ष 2025 में ओम्बड्समैन स्कीम के तहत आने वाली शिकायतों में 13 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है।
शिकायतों का आंकड़ा 13 लाख के पार
आरबीआई के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 13.34 लाख से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 13.55% ज्यादा है। ये शिकायतें ईमेल, चिट्ठी या फिर कंपलेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) पोर्टल के जरिए भेजी गईं। RBI का ओम्बड्समैन स्कीम एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां बैंक, एनबीएफसी, पेमेंट सिस्टम और क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनियों की शिकायत सुनी जाती है। यह एक सिंगल विंडो स्कीम है।
सरकारी बैंकों से ज्यादा प्राइवेट बैंकों के खिलाफ शिकायतें
बैंकों के खिलाफ शिकायतों का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा। कुल शिकायतों में से करीब 2.41 लाख शिकायतें सिर्फ बैंकों के खिलाफ थीं, जो कुल शिकायतों का 81.53% है। इसके बाद 43.8 हजार शिकायतों के साथ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों का नंबर आता है। खास बात यह है कि प्राइवेट बैंकों के खिलाफ शिकायतों का हिस्सा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 34.39% था, जो अब बढ़कर 37.53% हो गया है। वहीं, सरकारी बैंकों के खिलाफ शिकायतों में कमी आई है। यह पिछले साल के 38.32% से घटकर 34.80% रह गया है।
लोन और क्रेडिट कार्ड से लोग सबसे ज्यादा परेशान
जानते हैं- किस बात की शिकायत सबसे ज्यादा हुई? आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा 29.25% शिकायतें लोन और एडवांस से जुड़ी थीं। इसके बाद क्रेडिट कार्ड (17.15%), मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग (16.86%) और डिपॉजिट अकाउंट खोलने (16.84%) का नंबर आता है। शहर के हिसाब से देखें तो मेट्रो सिटीज से सबसे ज्यादा 45.86% शिकायतें आईं। इसके बाद शहरी इलाकों (25.64%) और अर्ध शहरी इलाकों (18.46%) का नंबर रहा। सबसे कम शिकायतें ग्रामीण इलाकों (10.04%) से मिलीं।
शिकायतों के निपटारे की रफ्तार और हेल्पलाइन
शिकायतों को सुलझाने यानी डिस्पोजल रेट में थोड़ी गिरावट आई है। यह वित्त वर्ष 2025 में 95.10% से घटकर 93.07% हो गया है। आरबीआई के ओम्बड्समैन ने इस साल 3.12 लाख शिकायतों पर काम किया, जिनमें पिछले साल की 14,667 लंबित शिकायतें भी शामिल थीं। इनमें से 2.90 लाख शिकायतों का निपटारा किया गया। वहीं, आरबीआई के टोल-फ्री नंबर (14448) पर करीब 9.27 लाख कॉल आए। पिछले साल यह आंकड़ा 7.19 लाख था। इसमें से 60% से ज्यादा कॉल ऑटोमेटेड सिस्टम (IVRS) ने अटेंड किए, जबकि करीब 38% कॉल कस्टमर केयर अधिकारियों ने उठाए।
बैंक के खिलाफ शिकायत कैसे करें?
पहले बैंक से बात करें: ओम्बड्समैन के पास जाने से पहले अपनी शिकायत बैंक या NBFC में दर्ज कराएं।
30 दिन का इंतजार: अगर 30 दिन में जवाब नहीं मिलता या आप जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप RBI के ओम्बड्समैन के पास जा सकते हैं।
वेबसाइट पर जाएं: इसके लिए RBI की वेबसाइट पर जाएं। वहां 'Grievance Redressal' सेक्शन में ओम्बड्समैन स्कीम लिंक पर क्लिक करें।
लॉगिन करें: यह आपको CMS पोर्टल पर ले जाएगा। वहां ऊपर बाईं तरफ संतरी रंग के बटन पर क्लिक करें।
डिटेल्स भरें: कैप्चा कोड डालें, अपना नाम और मोबाइल नंबर भरें और OTP के जरिए वेरिफाई करें। इसके बाद आप अपनी शिकायत की पूरी जानकारी भर सकते हैं।